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जिन्ना नहीं नेहरू-पटेल के कारण हुए वतन के दो हिस्से, फारूख अब्दुल्ला का विवादित बयान

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    नई दिल्लीः जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने भारत-पाकिस्तान के बंटवारे को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि जिन्ना नहीं चाहते थे कि भारत का बंटवारा हो और पाकिस्तान बने। फारुख अब्दुल्ला ने ये बात शनिवार को चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, जम्मू की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

    Farooq Abdullah says Jinnah did not want a Pakistan for Muslims

    अब्दुला ने कहा- 'मोहम्मद अली जिन्ना साहब पाकिस्तान बनाने के पक्ष में नहीं थे। कमीशन में फैसला हुआ था कि भारत का बंटवारा करने के बजाय मुसलमानों के लिए अलग से लीडरशिप रखेंगे। साथ ही अल्पसंख्यकों और सिखों के लिए अलग से व्यवस्था रखेंगे।

    इसी मुद्दे पर आगे बोलते हुए फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि कमीशन की ये बातें जिन्ना साहब को मंजूर थी, लेकिन जवाहरलाल नेहरू, मौलाना आजाद और सरदार पटेल ने इसे नहीं माना, जिसके बाद जिन्ना पाकिस्तान की मांग पर अड़ गए।'

    वहीं, त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड विधानसभा चुनावों के परिणामों पर राहुल गांधी के बारे में बोलते हुए फारुख अब्दुल्ला ने कहा है कि न परिणामों के आधार पर मैं राहुल गांधी की सफलता या असफलता का आंकलन नहीं किया जा सकता हूं।

    उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कुछ दिन पहले ही पार्टी अध्यक्ष बने हैं, उन्हें पार्टी से जुड़ी सारी बातें समझने में थोड़ा वक्त लगेगा। अगर कांग्रेस जनहित में फैसले लेगी तो स्वभाविक है कि वह दोबारा सत्ता में वापसी करेगी।

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    English summary
    Farooq Abdullah says Jinnah did not want a Pakistan for Muslims

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