Farmers Protest: पंजाब-हरियाणा के किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्च, नए कानून की जलाई कॉपियां
Farmers Protest News: 15 अगस्त है, एक तरफ देश 78वें आजादी का जश्न मना रहा है। वहीं, दूसरी तरफ पंजाब और हरियाणा के किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला। इस दौरान किसानों ने केंद्र से फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी सहित अपनी मांगों को पूरा करने का आग्रह किया।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) ने अपने 'दिल्ली चलो' अभियान के तहत इन मार्चों का आह्वान किया। इस ट्रैक्टर मार्च में अमृतसर में राष्ट्रीय ध्वज और किसान संगठनों के झंडों से सजे करीब 600 ट्रैक्टरों ने हिस्सा लिया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में यह जुलूस अटारी से शुरू हुआ और गोल्डन गेट पर समाप्त हुआ।

पंढेर ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाए गए नए क्रिमिनल लॉ के विरोध में ट्रैक्टर मार्च निकाला जा रहा है। इतना ही नहीं, सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि सरकार किसानों की कर्ज माफ करें व अन्य मांगों को भी स्वीकार करें। इस दौरान नए कानून की प्रतिया जलाकर अपना विरोध-प्रदर्शन दर्ज कराया।
पीटीआई की खबर के मुताबिक, पंजाब के किसानों ने एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और केएमएम के नेतृत्व में 13 फरवरी को एमएसपी समेत अन्य मुद्दों की मांग को लेकर अपना 'दिल्ली चलो' मार्च शुरू किया था। हालांकि, हरियाणा पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिन्होंने अंबाला-नई दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीमेंटेड ब्लॉक सहित बैरिकेड्स लगा दिए थे।
इसके कारण पुलिस कर्मियों के साथ झड़प हुई और तब से किसान शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं पर डेरा डाले हुए हैं। बठिंडा में भी किसानों ने अपनी मांगों को लेकर ट्रैक्टर मार्च निकाला। वहीं, हरियाणा के अंबाला जिले में भी ट्रैक्टर मार्च बलाना, शहजादपुर और नारायणगढ़ गांवों से गुजरा। इस मार्च का नेतृत्व किसान नवदीप सिंह ने किया।
निरंतर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी
प्रदर्शनकारी किसानों ने शंभू और खनौरी में अपना आंदोलन तब तक जारी रखने की कसम खाई है, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। वे अपनी फसलों के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए एमएसपी पर कानूनी आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं।












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