किसान आंदोलन को खालिस्तान से जोड़ने पर भड़के भाजपा नेता बीरेंद्र सिंह, कहा- या तो माफी मांगो या फिर...
Farmers Protest: केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों का किसान विरोध कर रहे हैं और पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने किसानों का समर्थन किया है। बीरेंद्र सिंह का कहना है कि शुरुआत में मुझे लगा कि किसान और सरकार के बीच बातचीत से यह मसला सुलझ जाएगा, लेकिन छह राउंड की बात के बाद भी यह मसला सुलझ नहीं पाया, जिसकी वजह से मैं किसानों के बीच गया और उनका समर्थन किया।

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में चौधरी बीरेंद्र सिंह का कहना है यह आंदोलन देशभर के किसानों का है और नए कानूनों से सिर्फ 6 फीसदी किसानों को लाभ होगा। किसान आंदोलन पर जिस तरह से आरोप लगा कि इसमे खालिस्तानी शामिल हैं इसपर बीरेंद्र सिंह ने कहाकि जो लोग ऐसा कह रहे हैं उन्हें आरोपो को साबित करना चाहिए, अन्यथा इन लोगों को किसानों से माफी मांगनी चाहिए और अपने शब्द वापस लेने चाहिए। किसानों के आंदोलन को विदेश से मदद मिलने के आरोपों पर बीरेंद्र सिंह ने कहा कि फॉरेन फंडिंग का आरोप असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए किया जाता है।
Recommended Video
किसान और सरकार के बीच टकराव कैसे खत्म हो इसपर बीरेंद्र सिंह ने कहा कि लोगों में भरोसे की बहुत कमी है, लिहाजा मोदी सरकार को इसे खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। किसानों की मानसिक स्थिति को समझने की जरूरत है। सरकार सख्त रुख लंबे समय तक अख्तियार नहीं कर सकती है। फैसले लेने से पहले सरकार को किसानों से बात करनी चाहिए, कानून को किसी पर थोपा नहीं जा सकता है। बता दें कि किसानों और सरकार के बीच कई राउंड की बात होने के बाद भी अभी तक बीच का रास्ता नहीं निकल सका है। एक तरफ जहां सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने के मूड में नहीं है तो दूसरी तरफ किसान कानूनों को वापस लिए जाने की मांग पर अड़े हैं।












Click it and Unblock the Notifications