Farmers Protest: मध्य प्रदेश के किसान की फसल को कंपनी ने खरीदने से किया इनकार, राहुल गांधी ने कही ये बात
Farmers Protest: केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ देश के किसान पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। किसान नए कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। आंदोलित किसानों के पक्ष में कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद राहुल गांधी लगातार ट्वीट कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के एक किसान की समस्या को उठाते हुए राहुल गांधी ने लोगों से देश के अन्नदाता का साथ देने की अपील की है।
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दरअल मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में एक धान के किसान का चावल कंपनी खरीदने को तैयार नही है। किसान ने फॉर्चून राईस लिमिटेड के साथ नए कानून के तहत कॉन्ट्रैक्ट किया था लेकिन कंपनी ने किसान का चावल लेने से इस वजर से इनकार कर दिया क्योंकि नुकसानदायक केमिकल हेक्सा है। किसान की इसी समस्या को उठाते हुए राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा कि भारत के किसान ऐसी त्रासदी से बचने के लिए कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, इस सत्याग्रह में हम सबको देश के अन्नदाता का साथ देना होगा।
होशंगाबाद के भौंकेड़ी कलां में रहने वाले पुष्पराज सिंह ने इस बाबत शिकायत की थी। उन्होंने अपने 40 एकड़ खेत में धान लगाया था। पुष्पराज का कहना है कि किसान मेरी दिक्कत से सबक ले सकते हैं और मैं कभी भी किसान भाइयों को अनुबंध फॉर्मिंग का सुझाव नहीं दूंग। पुष्पराज का कहना है कि पिछले चार साल से वह अनुबंध खेती कर रहे हैं , उन्हें कभी भी अपनी फसल को बेचने में दिक्कत नहीं आई। लेकिन इस बार का करार यह था कि मंडी का जो भी दाम होगा उससे 50 रुपए अधिक में उनकी फसल को लिया जाएगा।
पुष्पराज ने बताया कि जब चावल के दाम 2300-2400 रुपए था तो दिक्कत नही आई लेकिन जब यह 2950 रुपए पहुंचा तो 3000 रुपए के दाम पर फसल खरीदने से कंपनियां कतरा रही हैं। फॉर्चून से लेकर तमाम कंपनियों के फोन बंद हो गए हैं। पुष्पराज ने बताया कि अब वह अपनी फसल को मंडी में ही बेचेंगे, वह कभी भी अनुबंध नहीं करेंगे। मैं पूसा क्वालिटी का धान उगाता हूं और मंडी में बेचने का आश्वासन रहता है।












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