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हरियाणा: करनाल में मिनी सचिवालय के सामने डटे किसान, प्रशासन मनाने में जुटा

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करनाल, 7 सितंबर: हरियाणा के करनाल में 28 अगस्त को किसानों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ अनाज मंडी में पंचायत के बाद किसानों ने मिनी सचिवालय का घेराव किया है। किसानों ने आज करनाल अनाज मंडी में महापंचायत बुलाई थी, जहां से किसानों ने लाठी मारकर सिर फोड़ने के आदेश देने वाले एसडीएम पर कार्रवाई समेत कुछ मांगे रखी हैं। प्रशासन से इसको लेकर किसानों के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत हुई, जिसमें कोई नतीजा नहीं निकला। जिसके बाद राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव समेत कई किसान नेता और हजारों किसान सचिवालय पहुंच गए। जिसके बाद किसान सचिवालय पर ही धरने पर बैठे हैं। हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया है कई सीनियर अफसरों को किसानों के बीच भेजा गया है और किसान नेताओं से बातचीत कर जल्दी ही कोई हल निकाला जाएगा।

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    Karnal Kisan Mahapanchayat: करनाल में मिनी सचिवालय की तरफ बढ़े हजारों किसान, Video | वनइंडिया हिंदी

    अनाज मंडी से मिनी सचिवालय के रास्तों को पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग लगाकर बंद किया था। पुलिस के जवान भी बड़ी संख्या में किसानों को रोकने के लिए लगाए गए। हालांकि किसानों को रोकने में सरकार और प्रशासन फेल रहा। वाटर केनन और की बौछारों के बीच बैरिकेंडिंग तोड़ते हुए किसान सचिवालय पहुंच गए। जिसके बाद करनाल लघु सचिवालय पर किसानों का धरना शुरू हो गया है। किसानों की मुख्य मांग- किसानों पर लाठीचार्ज के लिए कहने वाले एसडीएम पर मुकदमा, शहीद किसान के परिवार को नौकरी और 25 लाख रुपए और घायल किसानों को दो दो लाख रुपए का मुआवजे दिए जाने की है।

    सचिवालय पहुंचने के बाद किसान नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि अभी घेराव शुरू हुआ है, हमारा संकल्प था कि मिनी सचिवालय का घेराव करेंगे। हमने तमाम मुश्किलों के बाद घेराव कर लिया और अब हमारी पहली प्राथमिकता है कि हम घेराव को सफल करें और उसके बाद हम निर्णय लेंगे कि कितनी देर बैठना है।

    भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने कहा, मुजफ्फरनगर से करनाल, वाटर कैनन के बौछार से हरियाणा सरकार किसानों की आवाज को दबा नहीं सकती। हम किसान साथियों समेत लघु सचिवालय करनाल में पहुंचे हैं, पुलिस ने हिरासत में जरूर लिया था लेकिन युवाओं के जोश के आगे पुलिस को छोड़ना पड़ा, किसान साथियों के साथ सचिवालय पर उपस्थित हूं, लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि करनाल में सरकार किसानों की बात नहीं सुन रही। सरकार मांग माने या हमें गिरफ्तार करे। हम हरियाणा की जेलें भरने को भी तैयार हैं।

    कई जिलों में नेट बंद

    किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए हरियाणा सरकार ने 5 जिलों में सभी मोबाइल कंपनियों की इंटरनेट और बल्क एसएमएस सेवाएं बंद कर दी है। जिन जिलों में ये सेवाएं बंद की गई है उनमें करनाल के अलावा कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत और जींद शामिल हैं।

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    English summary
    farmers protest Mini Secretariat Karnal Haryana rakesh tikait gurnaam chadhuni
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