किसानों का रेल रोको आंदोलन कल, यहां जानें सारी डिटेल
नई दिल्ली: किसानों का आंदोलन पिछले तीन महीनों से जारी है। किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक मोदी सरकार तीनों नए कानूनों को वापस नहीं लेती, तब तक वो आंदोलन करते रहेंगे। इस बीच क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को दिल्ली पुलिस ने टूलकिट मामले में गिरफ्तार किया। जिससे किसानों का गुस्सा और ज्यादा भड़क गया है। इसको लेकर किसानों ने 18 फरवरी को देशव्यापी 'रेल रोको आंदोलन' का ऐलान किया है। इससे पहले किसानों ने चक्का जाम किया था। जिससे दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड को अलग रखा गया, लेकिन रेल रोको आंदोलन पूरे देश में होगा।
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संयुक्त किसान मोर्चा के मुताबिक जिस वक्त ट्रैफिक सबसे कम रहता है, उस वक्त उन्होंने चक्का जाम किया था। इसी तरह उन्होंने रेल रोको आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। 18 फरवरी को दोपहर 12 बजे से लेकर 4 बजे तक 'रेल रोको आंदोलन' होगा। किसान नेताओं के मुताबिक उनका मकसद सिर्फ सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का है। दिन में ट्रेनों की आवाजाही कम रहती है, ऐसे में उन्होंने आंदोलन के लिए चार घंटे का समय चुना गया है, ताकी यात्रियों को दिक्कतों का सामना ना करना पड़े।
मामले में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि वो बीच रास्ते में ट्रेन नहीं रोकेंगे। वो बकायदा इंजन पर फूल-माला चढ़ाकर ट्रेनों की आवाजाही स्टेशन से ही बंद करवा देंगे। यात्रियों को दिक्कत ना हो इसके लिए उन्हें चाय-नाश्ता किसानों की ओर से दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर किसानों के रोल रोको आंदोलन को देखते हुए जीआरपी और आरपीएफ अलर्ट पर है। सभी जवानों और अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जहां-जहां हालात तनावपूर्ण हो सकते हैं, वहां पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है।
ट्रेंनों के रूट में बदलाव
किसान आंदोलन का सबसे ज्यादा प्रभाव पंजाब में देखा जा रहा है। जिसके चलते रेलवे ने नांदेड़ अमृतसर एक्सप्रेस को चंडीगढ़ तक ही ले जाने का फैसला किया है। इसके अलावा अमृतसर-नांदेड़ एक्सप्रेस भी अमृतसर की जगह चंडीगढ़ से चलेगी। वहीं कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस को अंबाला स्टेशन पर टर्मिनेट कर दिया जाएगा। साथ ही अमृतसर से कोरबा जाने वाली ट्रेन अंबाला से ही शुरू होगी।












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