महाराष्ट्रः मोदी के दावों का दुखड़ा देवेंद्र के घर पर रोएंगे किसान!
मुंबई। धुआंधार रैलियों में किसानों की हालत सुधारने के लिए बढ़चढ़ कर प्रयास करने के नरेंद्र मोदी के दावे महाराष्ट्र किसान काफी गंभीरता से ले रहे थे। इसी का नतीजा है कि महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद शेतकारी संगठन के नेतृत्व में राज्य के किसान सीधे मुख्यमंत्री के घर के दरवाजे पर जाकर धरने पर बैठेंगे।

30 नवम्बर को राज्य में फसल बर्बाद होने का दंश झेल रहे किसान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के घर के सामने धरना देकर अपना हिसाब मांगेंगे।
बर्बाद हो गई थी फसल
महाराष्ट्र राज्य में विदर्भ और मराठावाड़ा क्षेत्र के किसान सबसे ज्यादा शोषित हो चुके हैं। दरअसल, पिछले वर्ष से हो रही बेमौसम बारिश अत्याधिक और तेजी से घटते बढ़ते तापमान ने किसानों की जमीनों की उर्वरकता पर बहुत नकारात्मक प्रभाव डाला है। सैंकड़ों किसानों की फसलें नष्ट हो गईं। कई किसान अत्याधिक लागत बढ़ने से कर्ज के बोझ के तले दब गए तो कई किसानों ने इसी दबिश में अपनी जिंदगी ही खत्म कर ली।
नरेंद्र मोदी ने किया था वादा
किसानों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रैलियों में यह वादा किया था कि सरकार आने के बाद किसानों को इतना समर्थन मूल्य दिलाएंगे जिससे उनकी लागत भी वसूल हो जाए। लेकिन अभी तक नरेंद्र मोदी की ओर से किया गया दावा खोखला साबित हुआ। गौरतलब है कि अभी 4000 रुपए कोटन, 2500 रुपए सोयाबीन और 1300 रुपए धान का समर्थन मूल्य है। जबकि किसानों की मांग है कि 6000 रुपए कोटन, 5000 रुपए सोयाबीन और 3000 रुपए धान के समर्थन मूल्य की मांग की जा रही है।












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