दिल्ली की सीमाओं पर आज किसानों की आखिरी रात, गानों पर जमकर नाचे आंदोलनकारी
नई दिल्ली, 10 दिसंबर: संयुक्त किसान मोर्चा ने गुरुवार को अपने साल भर पुराने आंदोलन को स्थगित करने के फैसले की घोषणा की थी। संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन स्थगित करने के फैसले के बाद अब सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे किसान किसान घर लौटने को तैयार हैं। यह घोषणा केंद्र सरकार द्वारा पिछले साल 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए किसान संघ द्वारा रखी गई मांगों को स्वीकार करने के बाद हुई है। इस दौरान गाजीपुर बॉर्डर पर किसान जश्न मनाते दिखे।

शुक्रवार को किसानों का 'ये देश है वीर जवानों का' की धुन पर नाचते हुए एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में किसानों की भीड़ अपने आंदोलन की समाप्ति का जश्न मनाते हुए दिखाई दे रही है। किसानों को 1957 की फिल्म 'नया दौर' के फेमस गीत पर नाचते दिखे। बॉर्डर पर किसान खुशी में जमकर डांस कर रहे हैं। यही नहीं, इस बीच किसानों ने टेंट और झोपड़ी सड़क से उखाड़कर सामान समेटना शुरू कर दिया है।
दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं ने भी स्थानीय लोगों को धन्यवाद दिया। बता दें कि, स्थानीय निवासियों ने उन्हें विभिन्न तरीकों से मदद दी थी, कुछ ने उन्हें अपने घरों से बिजली और पानी का कनेक्शन भी दिए थे। किसान नेता शिव कुमार कक्का ने शुक्रवार को कहा कि ऐसे स्थानीय लोगों की सूची बनाने के लिए एक समिति बनाई गई है। जिन्हें हम घर जाने से पहले सम्मानित करेंगे।
कक्का ने कहा, घर जाने से पहले कल सिंघू सीमा पर उन्हें सम्मानित करने के लिए एक समारोह आयोजित किया जाएगा। हम उन्हें माला पहनाएंगे और शॉल और मिठाई भेंट करेंगे। बीकेयू एकता (उग्रहां) नेता सुदेश गोयत ने कहा कि केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के पास स्थानीय लोगों को सम्मानित करने के लिए एक समारोह की योजना बनाई गई है, जिन्होंने पूरे आंदोलन में प्रदर्शनकारियों की मदद की। गोयत ने कहा, हम उनके माथे पर 'तिलक' करेंगे और उन्हें शनिवार को मिठाई और शॉल भेंट करेंगे।












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