किसानों ने फिर किया महाराष्ट्र बंद का ऐलान, सुलह में फूट!
किसानों की हड़ताल संबंधित सभी निर्णय नासिक में लिए जाएंगे, जिसकी वजह से हड़ताल में फूट पड़ने के आसार नजर आ रहे हैं।
नासिक। पुणतांबा के किसानों की कोर कमिटी द्वारा हड़ताल वापस लेने के बाद आंदोलन अब एक नए मोड़ पर आ गया है। सोमवार को महाराष्ट्र बंद की पुकार पर एक बार फिर से किसान एकजुट होंगे। किसानों के आंदोलन की आगे की नीति तय करने के लिए नासिक में किसानों के नेताओं की सभा हुई, जिसमें 5 जून को महाराष्ट्र बंद रखने का निर्णय लिया गया।

किसानों के नेताओं ने बैठक में आनेवाले 4 दिनों तक हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने सिर्फ आश्वासन दिया है, हमारी मांगों को आश्वासन न देते हुए उन मांगों पर अमल करने की मांग बैठक में किसानों ने की। किसानों द्वारा सोमवार को महाराष्ट्र बंद की पुकार से एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार की तकलीफें बढ़ सकती हैं। महाराष्ट्र बंद में किसानों, छोटे व्यापारियों और नागरिकों को बड़े पैमाने में शामिल होने का आहवान भी किया गया है।
इस दौरान अब किसानों की हड़ताल फिर पुणतांबा से नासिक शहरों की तरफ रुख कर गई है। किसानों की हड़ताल संबंधित सभी निर्णय नासिक में लिए जाएंगे, जिसकी वजह से हड़ताल में फूट पड़ने के आसार नजर आ रहे हैं। दूसरी तरफ किसानों की हड़ताल में अब राजनीतिक पार्टियों ने भी दिलचस्पी दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के विभिन्न स्थानों में किसानों के आंदोलन में राष्ट्रवादी नेताओं की सक्रिय भूमिका नजर आई। साथ ही शिवसेना के युवासेनाओं ने भी आंदोलन को सहयोग देते हुए उस्मानाबाद में चक्काजाम करके विरोध प्रदर्शन किया। इससे साफ जाहिर होता है कि किसानों के आंदोलन में अब राजनीतिक रंग और मजूबती दिखाई देने लगी है। जिसकी वजह सरकार के सामने कड़ी चुनौतियां उभर के आई हैं। एक तरफ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि हम किसानों के साथ हैं, उनकी मांगों पर गौर फरमाया जाएगा। लेकिन इस आंदोलन में शामिल होकर विपक्षी दल अपना राजनीतिक स्वार्थ देख रही है।












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