किसान आंदोलन: सिंघू बॉडर पर धरने में शामिल 2 किसानों की कोविड से मौत,क्या स्थगित हो जाएगा आंदोलन
नई दिल्ली, 20 मई: कोरोना महामारी दिल्ली सर्वाधिक प्रभावित राज्य है। कोरोना के कहर के बीच दिल्ली बॉडर पर किसानों का आंदोलन जारी है। वहीं कोरोना से सिंघू बॉर्डर पर 2 किसानों की कोरोना से मौत हो गई।

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता भोपाल सिंह ने ये जानकारी दी और कहा किसान ऐसे ही मरते रहे तो कौन आंदोलन करेगा? इसलिए मैं किसानों से अनुरोध करना चाहता हूं कि देश में संकट को देखते हुए हमें आंदोलन को फिलहाल के लिए स्थगित कर देना चाहिए।
टिकैत राय बोलें- किसान यहीं टिके रहेंगे जब तक मांगे नहीं मानी जाती
वहीं इससे पहले केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले छह महीने से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शनकारियों के साथ डटे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि, किसान आंदोलन खत्म नहीं होने वाला। टिकैत ने आज कहा कि, "किसान यहां से तभी हटेगा, जब उसकी मांगें मानी जाएंगी। ये सरकार जब तक एमएसपी पर कानून नहीं बनाती और किसानों के सभी मसलों पर बातचीत नहीं करती...प्रदर्शनकारी यूं ही धरना-प्रदर्शन करते रहेंगे।
टिकैत ने कहा कोरोना का रास्ता अस्पताल जाता है और किसान का पार्लियामेंट
राकेश टिकैत हरियाणा के रेवाड़ी में प्रदर्शनकारियों से कहा किसानों पर लाठीचार्ज या आंसूगैस दागकर सरकार उन्हें पीछे नहीं हटा सकती। वह जहां बैठे हैं, वहां डटे रहेंगे। कोरोना का संक्रमण फैलने के सवाल पर टिकैत ने कहा कि, "हमारी वजह से महामारी नहीं फैल रही। उन्होंने कहा कोरोना का रास्ता अस्पताल जाता है और किसान का रास्ता पार्लियामेंट जाता है। दोनों के रास्ते अलग हैं।राकेश टिकैत ने कहा कि, कोरोना संक्रमण को देखते हुए ज्यादा भीड़ के बजाय शिफ्टों में किसान बुलाए जा रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा, "कोरोना की आड़ में धरने समाप्त कराना चाहती हैं, लेकिन किसान उठने वाला नहीं है। धरना लगातार चलता रहेगा।"












Click it and Unblock the Notifications