17 किसान घायल, दागे गए आंसू गैस के गोले, बवाल के बाद किसानों ने फिर स्थगित किया दिल्ली कूच
Farmers Protest News: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समेत अपनी मांगों पर डटे किसानों पर हरियाणा पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दागे गए। इस किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प में करीब 17 किसान घायल हो गए। जिसके बाद किसानों एक बार फिर दिल्ली की ओर अपना पैदल मार्च स्थगित कर दिया है।
दरअसल, 101 किसानों ने शनिवार 14 दिसंबर को दिल्ली कूच करने की कोशिश की थी। हालांकि, किसान शंभू बॉर्डर से आगे नहीं जा सके। पुलिस ने 101 किसानों को शंभू बॉर्डर पर ही रोक दिया। पुलिस और किसानों के इस टकराव में कई किसान घायल हो गए। जिसके बाद एक बार फिर से किसानों को पीछे हटना पड़ा।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत सरकार ने 101 किसानों के खिलाफ बल प्रयोग किया। हम पर तोपों का इस्तेमाल करके रासायनिक पानी फेंका गया। हम पर बम फेंके गए...आंसू गैस के गोले भी फेंके गए।
उन्होंने कहा कि इस टकराव में 17 किसान घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर है और उन्हें अस्पताल में उचित इलाज नहीं दिया जा रहा है। हम पंजाब सरकार से कह रहे हैं कि अच्छा इलाज सुनिश्चित किया जाए। 16 दिसंबर को पंजाब के बाहर ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा और 18 दिसंबर को हमने पंजाब में 'रेल रोको' का आह्वान किया है।
#WATCH | Shambhu Border: Farmer leader Sarwan Singh Pandher says, "Indian government, the fifth largest economy in the world, used force against 101 farmers... Chemical water was thrown at us using cannons. Bombs were thrown at us. Tear gas shells were also thrown... 17 farmers… pic.twitter.com/VYQsIfOqQz
— ANI (@ANI) December 14, 2024
हम सभी पंजाबियों से अपील करते हैं कि वे बड़ी संख्या में "रेल रोको" में भाग लें। विपक्ष को सिर्फ बयान देकर अपनी भूमिका से भागना नहीं चाहिए। उन्हें किसानों की मांगों को पूरा करने के एजेंडे पर प्रकाश डालना चाहिए। किसान नेता पंढेर ने कहा कि उन्हें हमारे मुद्दे पर संसद को वैसे ही रोकना चाहिए जैसे वे अन्य मुद्दों पर संसद को रोक रहे हैं।
राहुल गांधी संसद में हमारे मुद्दे नहीं उठा रहे हैं जैसा उन्होंने हमें आश्वासन दिया था। इतना ही नहीं, उन्होंने पंधेर ने फिर से कहा कि एलान किया कि 16 दिसंबर को पूरे देश में ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा और 18 दिसंबर को पंजाब में ट्रेनें रोकी जाएंगी।












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