महाराष्ट्र में किसान ने की आत्महत्या, इस वजह से 6 दिनों तक पेड़ पर लटका रहा शव
अकोला। महाराष्ट्र के अकोला जिले में एक 62 साल के आदिवासी किसान ने कथित तौर पर पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली है। पुलिस का कहना है कि शव के बारे में मंगलवार को पता चला। छह दिनों तक शव पेड़ पर ऐसे ही लटका हुआ था। मृतक तुलसीराम शिंदे के परिवार का कहना है कि बेमौसम बारिश से खराब हुई सोयाबीन की फसल ही इस मौत का कारण है।

हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है। पुलिस इंस्पेक्टर गणेश वनारे का कहना है कि शिंदे का शव अकोला शहर से 70 किमी की दूरी पर स्थित नवेगांव जंगल में वन रक्षकों को मिला। उन्होंने बताया कि शिंदे पिंपालोली गांव स्थित अपने घर से 13 नवंबर को लापता हो गए थे।

6 दिन तक इसलिए पता नहीं चला
उसी दिन उन्होंने रस्सी की मदद से पेड़ पर फांसी लगा ली। उनके शव के बारे में 6 दिन तक इसलिए पता नहीं चला क्योंकि जिस पेड़ पर उन्होंने आत्महत्या की वो घने जंगल में है। शिंदे के परिवार के लोगों का कहना है कि उन्होंने चार एकड़ की जमीन में सोयाबीन की फसल उगाई थी लेकिन वो बेमौसम बारिश के कारण बर्बाद हो गई।

आर्थिक परेशानी बढ़ गई
इसके कारण घर में आर्थिक परेशानी बढ़ गई। वहीं पुलिस का कहना है कि वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रहे हैं, इसके बाद ही मौत की असली वजह पता चल सकेगी। महाराष्ट्र के कई जिलों में बोमौसम बारिश ने खरीफ की फसल को बर्बाद कर दिया है। इनमें मराठवाड़ा और उत्तरी महाराष्ट्र के क्षेत्र शामिल हैं।

वित्तीय सहायता की घोषणा
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शनिवार को प्रभावित किसानों को कृषि खरीफ फसलों के लिए दो हेक्टेयर तक 8,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और बागवानी / बारहमासी फसलों के लिए दो हेक्टेयर तक 18,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की वित्तीय सहायता की घोषणा की है।
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