प्रवासी मजदूर ने नाम पर वायरल हो रही है नेपाली महिला की पुरानी तस्वीर फैक्ट चेक में हुई फेल
नई दिल्ली। कोरोना महामारी के चलते पूरे देश में 24 मार्च से लॉकडाउन लागू है। जिसके चलते लाखों मजदूर अपने-अपने घरों की ओर वापस आ रहे हैं। इस दौरान कई दिल को झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। इस दौरान सोशल मीडिया पर कुछ फेक तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं। इस दौरान सोशल मीडिया पर एक महिला छोटे से बच्चे को अपनी पीठ पर कपड़े से बांधकर साइकल चला रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे मैसेज में कहा गया है कि लॉकडाउन के बीच एक भारतीय महिला मजदूर साइकल से अपने गांव पहुंचने की कोशिश कर रही है। महिला ने अपनी पीठ पर एक बच्चे को बंध रखा है। इस तस्वीर को कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मंगलवार को अपने ट्विटर अकाउंट से एक तस्वीर शेयर किया था। उन्होंने इस तस्वीर को कैप्शन दिया, 'न्यू इंडिया का सच!' लिखा है।
पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने इस फोटो को लेकर पड़ताल की है। जिसमें उन्होंने दावा किया कि, यह भारत की पुरानी नहीं है। यह फोटो नेपाल का है और साल 2012 में खींचा गया था। इसका भारत से कोई लेना-देना नहीं है। तस्वीर यूरोपीयन प्रेस फोटो एजेंसी (EPA)की है। तस्वीर 3 जुलाई, 2012 को नेपालगंज में नरेंद्र श्रेष्ठ नाम के फटॉग्रफर ने खींची थी।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि, यह तस्वीर एक नेपाली मां की है। जो कंधे पर अपने बच्चे को लादकर ले जा रही है। वह 29 जून, 2012 को काठमांडू से करीब 573 किलोमीटर दूर स्थित नेपालगंज की ओर साइकल चलाकर जा रही थी। नेपालगंज में साइकल आवाजाही का एक बड़ा साधन है।












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