'मुझे सोनिया गांधी ने बनाया, आपके अंदर वर्णव्यवस्था', राज्यसभा में भिड़ गए जगदीप धनखड़-मल्लिकार्जुन खड़गे
Parliament Session: राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सभापति जगदीप धनखड़ और कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच तीखी नोंकछोंक देखने को मिली। मामला यहां तक बढ़ गया कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने उपराष्ट्रपति पर वर्ण व्यवस्था को बढ़ावा देने का आरोप लगा दिया।
दरअसल यह पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब राज्यसभा में कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी बोल रहे थे। प्रमोद तिवारी ने कहा कि सच्चाई तो यह है कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं, जबकि दुनिया के बाजार में कच्चे तेल के दाम कम हुए। अब मजबूरी थी कि इन्हें अपने यारों-दोस्तों का भला करना था।

प्रमोद तिवारी के बयान पर सभापति की आपत्ति
प्रमोद तिवारी के बयान पर आपत्ति जताते हुए जगदीप धनखड़ ने कहा कि यह आपत्तिजनक है। प्रमोद जी जो आप कह रहे हैं, आप खुद चिंतन कीजिए, आप कितना गलत कह रहे हैं, यह रिकॉर्ड में नहीं जाएगा। अगर आपके सबूत हैं, तथ्य हैं तो सदन में रखिए।
जयराम रमेश के हस्तक्षेप से शुरू हुआ विवाद
जिसके बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश कहते हैं कि हम इसे सत्यापित करेंगे। जयराम रमेश के बयान पर धनखड़ कहते हैं कि वरिष्ठ नेतृत्व यहां पर हैं, आपको उनकी जगह लेनी चाहिए। आप इतने बुद्धिमान, प्रतिभाशाली हैं। आपको तुरंत यहां आना चाहिए और खड़गे जी की जगह लेनी चाहिए, क्योंकि आप उनका काम कर रहे हैं।
खड़गे ने लगाया वर्ण व्यवस्था को बढ़ावा देने का आरोप
जिसपर मल्लिकार्जुन खड़गे कहते हैं कि वर्ण व्यवस्था को यहां लेकर मत आइए, आपके दिमाग में वर्ण व्यवस्था है, यही वजह है कि आप रमेश को बहुत बुद्धिमान, प्रतिभाशाली कह रहे हैं और मुझे जड़ कह रहे हैं।
धनखड़ बोले- आप समझ नहीं पाए
इसपर धनखड़ ने कहा कि आप मेरी बात को नहीं समझ पाए, जितना मैं आपका आदर करता हूं, उसका एक अंश भी आप मेरे लिए करेंगे, दिल को टटोल कर तो आपको महसूस होगा।
मैंने कहा कि जब प्रथम पंक्ति के अंदर आप जैसा व्यक्ति है, 56 वर्ष का अनुभव है, उनको भी हर कदम पर जयराम रमेश टीका-टिप्पणी करके मदद करना चाहते हैं। आप देखिए एक समस्या है, जिसका आपको समाधान करना है।
मुझे सोनिया गांधी ने बनाया
सभापति के बयान पर मल्लिकार्जुन खड़गे कहते हैं कि मेरे को बनाने वाले यहां बैठे हैं, श्रीमती सोनिया गांधी, ना रमेश बना सकता है, ना आप बना सकते हैं, जनता ने मुझे बनाया है।
खड़गे पर भड़के धनखड़
इसपर धनखड़ ने कहा कि मैं उस स्तर पर नहीं आना चाहता, मेरी बात को ध्यान से सुनिया, आप हमेशा सभापति का अपमान नहीं कर सकते हैं, मेरी बातों को समझते भी नहीं है। संसदीय लोकतंत्र और राज्यसभा के इतिहास में कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि आपने सभापति का अपमान किया है।
मेरे अंदर बहुत सहनशक्ति है, धैर्य है, खून का घूंट पी सकता हूं, मैंने क्या-क्या बर्दाश्त किया है, आपको किसने बनाया है, ये आप अपने आप जानें। मैंने जो मुद्दा उठाया, कैसे आपने उसे ट्विस्ट किया। अंदाजा लगाइए, मेरे को भी पीड़ा होती है।
कितने ही मौके आए हैं जब आपकी प्रतिष्ठा को कितना बड़ा धक्का लगा है, मैंने आपकी प्रतिष्ठा को बचाने की कोशिश की है। मैं साधारण आदमी हूं, जितना झुक सकता हूं, झुकना चाहता हूं, कोई कहे, मैं ज्यादा झुकता हूं, ठीक बात है लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications