'हादसे के बाद जिंदा थे जनरल रावत, मांगा था पानी', CDS के आखिरी वक्त को बताते हुए रो पड़े चश्मदीद
नीलगिरी, 9 दिसंबर: भारत के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत का हेलीकॉप्टर बुधवार को तमिलनाडु के नीलगिरी जिले में क्रैश हो गया। जिसमें जनरल, उनकी पत्नी समेत 13 लोगों की मौत हुई, जबकि एक ग्रुप कैप्टन गंभीर रूप से घायल हैं। ये घटना कुन्नूर की पहाड़ियों में हुई, जहां पर बहुत से चाय के बागान मौजूद हैं। अब घटना के कुछ चश्मदीद मीडिया के सामने आए हैं, जिन्होंने इस बात की पुष्टि की कि जनरल रावत क्रैश के बाद भी जिंदा थे।

ठेकेदार ने देखा वो मंजर
ठेकेदारी का काम करने वाले शिव कुमार ने न्यूज चैनल एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि मैं बुधवार को वो अपने भाई से मिलने जा रहा था, जो एक चाय के बागान में काम करता है। तभी उन्होंने देखा कि वायुसेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया और वहां से जोरदार आवाज आई। वो तुरंत अन्य लोगों को लेकर मौके पर पहुंचे। वहां पर चारों ओर आग लगी थी।

तीन लोगों को गिरते देखा
शिवकुमार के मुताबिक उन्होंने तीन लोगों को गिरते देखा। जिसमें एक आदमी जीवत था। उन्होंने पानी मांगा। स्थानीय लोगों ने तुरंत एक चद्दर लाई और उन्हें उसमें लपेट दिया। बाद में रेस्क्यू टीम वहां पहुंची और उन्हें ले गई। शिवकुमार के मुताबिक 3 घंटे बाद किसी ने उन्हें बताया कि जिस व्यक्ति से उन्होंने बात की थी, वो जनरल बिपिन रावत थे। उन्होंने उनकी कई फाइल तस्वीरें भी देखीं।
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रातभर सो नहीं पाए
शिवकुमार ने नम आंखों से कहा कि मुझे भरोसा ही नहीं हो रहा है कि जिस आदमी ने देश के लिए इतना कुछ किया, उन्हें अंतिम समय में पानी नहीं मिला। मैं पूरी रात सो नहीं पाया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जनरल रावत की सांसें हादसे के बाद चल रही थीं। जब रेस्क्यू टीम उन्हें अस्पताल ले जा रही थी, तो उनकी मौत हो गई।

लाइफ सपोर्ट पर ग्रुप कैप्टन
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने जांच के लिए एक त्रि-सेवा कमेटी का गठन किया है। गुरुवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसको लेकर संसद में बयान भी दिया। उन्होंने बताया कि ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह हादसे में बच गए हैं, लेकिन उनकी हालत गंभीर है। उन्हें वेलिंगटन से बेंगलुरु कमांड हॉस्पिटल शिफ्ट कर दिया गया है। इसके अलावा जांच दल ने ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया है।












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