तो दिल्ली की सियासत में भेजा जाएगा डा. हर्षवर्धन को
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला) तो क्या दिल्ली सियासत में फिर लौटेंगे डा.हर्षवर्धन? रविवार को कैबिनेट विस्तार के बाद यह सवाल राजधानी के सता के गलियारों मे पूछा जा रहा है। कारण यह है कि वे बतौर स्वास्थ्य मंत्री के ठीक-ठाक काम कर रहे थे, इसके बाजवूद उनसे उनका विभाग छीना गया।}

मोदी खुश थे हर्षवर्धन से
जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी को डा. हर्षवर्धन के काम से कोई शिकायत नहीं थी। वे उनके काम से खुश थे। लेकिन दिल्ली विधानसभा के आगामी चुनावों को देखते हुए मोदी फिर से डा.हर्षवर्धन को दिल्ली लाना चाहते हैं।
कारण यह बताया जा रहा है कि दिल्ली में पार्टी के पास कोई कायदे का चेहरा ही नहीं है,जो आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल का मुकाबला कर सके। यानी कि डा. हर्षवर्धन दिल्ली के मुख्यमंत्री बन सकते हैं अगर दिल्ली में भाजपा को बहुमत मिलता या उसकी या यहां पर सरकार बनती है।
कुछ हैं थोड़े हैरान भी
इसके साथ ही जानकारों का इस बात को लेकर भी हैरानी है कि मोदी ने अपने कैबिनेट विस्तार में दिल्ली से किसी को नहीं लिया। यह देखते हुए कि दिल्ली में ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, यह अपने आप में बेहद चौकाने वाला फैसला है। जानकारों का कहना है कि नई दिल्ली से पार्टी की तेज-तर्रार सांसद मीनाक्षी लेखी को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की पूरी उम्मीद थी।












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