1999 में वाजपेयी की सरकार गिराने वाले दिग्गज नेता गमांग ने कांग्रेस छोड़ा
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिराने वाले, नौ बार सांसद और तीन बार केद्रीय मंत्री रहे, ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री गिरधर गमांग ने कांग्रेस पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जिस पार्टी को उन्होंने 43 साल दिया, इमानदारी से सेवा किया उस पार्टी में उनका अपमान किया गया। गमांग के भाजपा में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
पत्रकार वार्ता में गमांग ने कहा कि मैंने अपना त्यागपत्र कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि जब 1999 में वाजपेयी सरकार एक वोट से गिर गई थी तब से मैं अपमानित किया जा रहा हूं और मैंने अपना आत्मसम्मान खो दिया है। उस समय मैंने व्हिप के चलते वाजपेयी सरकार के खिलाफ वोट किया था इसके बावजूद पार्टी कभी भी मेरे बचाव में खड़ी नहीं हुई।'
गमांग ने कहा, 'कांग्रेस से त्यागपत्र देने के बाद उसमें वापस आने का सवाल ही नहीं उठता है। आपको बताते चलें कि गत लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मार्च में गमांग की पत्नी और पूर्व सांसद हेमा गमांग कांग्रेस छोड़ बीजेडी में शामिल हो गईं थी। उन्होंने पार्टी छोडऩे के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जयदेव जेना के व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया था। गौरतलब है कि मांग ओडिशा की कोरापुट सीट से 1972 से लगातार आठ बार लोकसभा के सदस्य रहे। वर्ष 2004 में वह उसी सीट से नौंवी बार सांसद बने। वह इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और पी. वी. नरसिम्हा राव की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे। वह 1999 में ओडिशा के मुख्यमंत्री भी रहे।













Click it and Unblock the Notifications