Gujarat election 2017: बेटे को नहीं मिला टिकट तो BJP के पूर्व सांसद ने छोड़ी पार्टी, 22 सभासदों ने भी दिए इस्तीफे
Recommended Video

अहमदाबाद। गुजरात में विधानसभा चुनावों की तारीख जैसे-जैसे पास आती जा रही है। पार्टियों में एक के बाद एक विवाद देखने को मिला। दोनों प्रमुख दलों में टिकट बंटवारे पर खुलकर बगावत देखने को मिली रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद कांजी भाई पटेल और उनके बेटे सुनील पटेल के साथ बीजेपी छोड़ दी है। ऐसा बताया जा रहा है कि कांजी भाई पटेल टिकट बंटवारे से नाराज थे।

दरअसल कांजी पटेल अपने बेटे सुनील के लिए गणदेवी से टिकट चाह रहे थे। लेकिन पार्टी ने उनकी मांग का दरकिनार करते हुए नरेशभाई मगनभाई पटेल को टिकट दे दिया। सुनील पटेल अब गणदेवी सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे। आपको बता दें कि इससे पहले पाटन से भाजपा सांसद लीलाधर वाघेला ने तो पार्टी को सीधे तौर पर धमकी दे दी है कि अगर उनके बेटे को टिकट नहीं मिला तो वह इस्तीफा दे देंगे।
बीजेपी के कुछ कार्यकर्ता वर्तमान विधायकों को टिकट मिलने से नाराज हैं तो कुछ नए कैंडिडेट्स का विरोध कर रहे हैं। बीजेपी की दूसरी लिस्ट में चौहान सहित नौ सिटिंग विधायकों को टिकट नहीं दिया गया। इनकी जगह पार्टी ने नए चेहरों को मैदान में उतारा है।
नर्मदा जिले के कार्यकर्ता नांदोड़ (एसटी) सीट से विधायक शब्दशरण तड़वी को फिर से टिकट देने से नाराज हैं। कार्यकर्ताओं को कहना है कि उनकी लोकप्रियता में गिरावट हुई है।
कच्छ जिले के भुज में गांधीधाम (SC) सीट के विधायक रमेश महेश्वरी के पक्ष में समर्थकों ने प्रदर्शन किया है। इस सीट पर बीजेपी ने रमेश का टिकट काट उनकी संबंधी मालतीबेन महेश्वरी को कैंडिडेट बना दिया है। रमेश महेश्वरी के समर्थन में गांधीधाम नगर निगम के 22 बीजेपी सभासदों ने इस्तीफा दे दिया है। ऐसे ही कई अन्य जगहों पर टिकट ना मिलने और काटे जाने से नाराज भाजपा के कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications