Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

EVM-VVPAT: चुनाव से पहले ही विपक्ष को लगा झटका, 'INDIA' की चिंताओं को EC ने किया खारिज

कांग्रेस नेता जयराम रमेश की ओर से वीवीपैट को लेकर जताई गई चिंताओं को शुक्रवार को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है। आयोग ने कहा है कि इनकी ओर से 'कोई नया दावा या उचित और वैध संदेह नहीं जताया गया है, जिसके लिए और ज्यादा स्पष्टीकरण की जरूरत हो।'

बता दें कि 28 विपक्षी दलों का गठबंधन इंडिया (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) ब्लॉक लोकसभा चुनावों से पहले एक बार फिर से ईवीएम और वीवीपैट को बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश में था, लेकिन चुनाव आयोग ने उसे पहले ही झटका दे दिया है।

ec to india bloc

जयराम रमेश की मांग चुनाव आयोग ने की खारिज
इस मामले में चुनाव आयोग को कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ही पिछले महीने 30, दिसंबर को चिट्ठी लिखी थी, जिसपर चुनाव आयोग का जवाब आया है।

चुनावों में ईवीएम के इस्तेमाल के प्रति पूरा विश्वास- चुनाव आयोग
जयराम को दिए जवाब में आयोग ने 'चुनावों में ईवीएम के इस्तेमाल के प्रति पूरा विश्वास' जताया है और साफ किया है कि चुनावों में ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर सभी उचित और वैध पहलू पर ताजा 'अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) ' में 'पर्याप्त और व्यापक रूप से' से जवाब दिया गया है।

चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता को दिखाया आईना
यही नहीं, अपने जवाब में चुनाव आयोग ने साफ किया है कि अभी जो व्यवस्था बनी हुई है, वह कांग्रेस की अगुवाई वाली पिछली सरकार की ओर से ही शुरू की गई थी।

कांग्रेस सरकार ने ही बनाया था नियम- चुनाव आयोग
चुनाव आयोग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी प्रमोद कुमार शर्मा की ओर भेजे गए पत्र में लिखा गया है, 'चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम 49ए और 49एम, जिससे वीवीपीएटी का संचालन होता है और पेपर पर्चियों को संभालने का काम होता है, उसे कांग्रेस पार्टी की अगुवाई वाली सरकार की ओर से ही 14 अगस्त, 2013 को शुरू किया गया था।'

इंडिया ब्लॉक की ओर से चुनाव आयोग से मांगा गया था समय
इससे पहले बीते साल 30 दिसंबर को जयराम रमेश ने चुनाव आयोग को खत लिखकर अनुरोध किया था कि इंडिया ब्लॉक के प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय दे, ताकि वह वीवीपीएटी पर्चियों को लेकर अपने विचार रख सकें।

इंडिया ब्लॉक की पिछली बैठक में तय हुआ था एजेंडा
इससे पहले इंडिया ब्लॉक की 19 दिसंबर को दिल्ली में हुई आखिरी बैठक में ईवीएम पर संदेह जताया गया था और यह आवाज उठाई गई थी कि वीवीपैट पर्चियों को मतदाताओं के हवाले किया जाए, जो उसे अलग बॉक्स में अपनी हाथों से रख सकें।

यही नहीं विपक्षी गठबंधन ने ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों की 100 फीसदी मैचिंग की भी मांग उठाई थी। लेकिन, चुनाव आयोग ने अपने जवाब में कहा है, '30 दिसंबर के हालिया खत ईवीएम/वीवीपैट पर कोई भी मुद्दा नहीं उठाता, जिसका जवाब न दिया गया हो।'

चुनाव आयोग में नहीं गली विपक्ष की दाल!
चुनाव आयोग ने खत में ईवीएम के इस्तेमाल के बारे में दूसरे देशों और उनके संवैधानिक अदालतों का संदर्भ दिए जाने को भी 'संदर्भ से बाहर' करार दिया है।

आयोग की ओर से दो टूक कहा गया है, 'ईवीएम के इस्तेमाल से हुए चुनावों के नतीजों, कानूनी ढांचे, स्थापित न्यायशास्त्र, तकनीकी सुरक्षा और प्रशासनिक सुरक्षा उपायों के आधार पर आयोग को चुनावों में ईवीएम के इस्तेमाल पर पूरा विश्वास है।'

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईवीएम को हैंडल करने में राजनीतिक पार्टियां और उम्मीदवार शुरू से अंत तक हर कदम पर जुड़े रहते हैं। आयोग का कहना है कि इसको लेकर जितने भी मुद्दे रहे हैं, सबपर पहले से ही काम करके तसल्ली की जा चुकी है।

अगर आने वाले लोकसभा चुनावों के हिसाब से देखें, जिसके लिए 28 विपक्षी दलों ने इंडिया ब्लॉक बनाया है तो यह उसके लिए बड़ी नाकामी की तरह है। क्योंकि, यह मुद्दा पहले भी कई दफा खारिज हो चुका है, जिसे फिर से उठान की कोशिश शुरू की गई थी और इसे विपक्ष अपना एजेंडा बनाना चाहता था। (इनपुट-पीटीआई)

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+