Pregnancy के नौवें महीने में भी बेहिचक महिला लगवा सकती हैं कोरोना वैक्‍सीन- एक्‍सपर्ट

लखनऊ, 13 जुलाई। केंद्रीय स्‍वास्‍थ मंत्रालय ने जुलाई महीने की शुरूआत में ही गर्भवती महिलाओं को कोरोना वैक्‍सीन लगवाने के लिए मंजूरी दे दी है। गर्भवती महिलाओं को वैक्‍सीनेशन को मंजूरी तो मिल चुकी है लेकिन प्रेगनेंट वूमेन अभी भी वैक्‍सीन लगवाने को लेकर संकोच कर रही हैं। ऐसे में प्रेंगनेंट वूमेन को वैक्‍सीन लेना कब सुरक्षित होगा, क्‍या सावधानियां रखनी चाहिए? इन सभी सवालों का समाधान जानिए एस्‍पर्ट डॉक्‍टर एस पी जैसवार से.....

dr sp jaiswar

स्‍त्री रोग विशेषज्ञ और लखनऊ क्‍वीन मैरी अस्‍पताल केजीएमयू की मेडिकल सुप्रीटेन्‍डेंट प्रोफेसर डॉक्‍टर एस पी जैसवार ने वन इंडिया को दिए एक्‍सक्‍लूसिव इंटरव्‍यू में बताया कि गर्भवस्‍था में महिलाएं कोरोना की वैक्‍सीन लगवा सकती हैं, वो पूर्ण रूप से सुरक्षित रहेंगी।

महिलाओं को गर्भावस्‍था के किस महीने में कोरोना वैक्‍सीन लगवाना सुरक्षित होगा?
डॉ एपी जैसवार ने कहा प्रेंगनेंट वूमेन किसी भी महीने में कोरोना वैक्‍सीन लगवा सकती हैं, ये पूर्ण रूप से सुरक्षित है।

गर्भावस्‍था के नौवें महीने में या डिलीवरी के पहले महिला कोरोना वैक्‍सीन लगवा सकती हैं ?
नवें महीने में या डिलीवरी के पहले भी महिला कोरोना वैक्‍सीन लगवाए तो भी कोई भी परेशानी की बात नहीं है। बस ये ध्‍यान रखना होगा कि वैक्‍सीनेशन के समय उन्‍हें कोई बुखार या अन्‍य परेशानी न हो।

पहले तीन महीने में कोरोना की वैक्‍सीन लगवाना कितता सुरक्षित है?
गर्भवस्‍था के 28 हफ्ते यानी कि चार महीने में अगर महिला वैक्‍सीन लगवा लेती हैं तो वो तो सुरक्षित होगी ही साथ ही गर्भ में पल रहा बच्‍चा भी कोरोना से सुरक्षित होगा। महिला के साथ बच्‍चे में भी कोरोना को लेकर इम्‍युनिटी वूस्‍ट होती है। जिससे बच्‍चा भी सुरक्षित रहेगा।

प्रेंगनेंट वूमेन को कौन सी वैक्‍सीन लगवानी चाहिए?

गर्भावती महिला के लिए भारत में उपलब्ध सभी वैक्‍सीन सुरक्षित है। चूंकि वैक्‍सीन की कमी आए दिन देखने को मिल रही है ऐसे में स्‍लॉट मिलने पर जो भी वैक्‍सीन उपलब्ध है उसे महिला को जल्‍द से जल्‍द लगवा लेना चाहिए।

गर्भवती महिला को वैक्‍सीनेशन से पहले और बाद में क्‍या प्राक्‍शन लेना चाहिए?
गर्भवती महिला को वैक्‍सीनेशन से पहले और बाद में नॉरमल जैसा रूटीन है वैसा ही रखना चाहिए, वैक्‍सीनेशन के बाद दो दिनों तक एक्‍जर्ट नहीं करना चाहिए। जो डॉक्‍टर द्वारा दवाई बताई गई हैं वो लेते रहना चाहिए। अगर महिला बल्‍ड प्रेशर या अन्‍य किसी बीमारी की मरीज है तो उसे दवा लेना छोड़ना नहीं चाहिए। अगर वैक्‍सीनेशन के बाद बुखार आता है तो ये सामान्‍य है घबराना नहीं चाहिए पैरासिलामॉल ही लेना सुरक्षित रहेगा।

गर्भवती महिलाओं को कोरोना काल में डिप्रेशन से दूर रहने के लिए क्‍या करना चाहिए ?
गर्भवती महिला को कोरोना काल में निगेटिव न्‍यूज और बातों से दूर रहना चाहिए। मॉस्‍क और सैनिटाइजर का प्रयोग करते हुए पार्क में वॉक कर सकती हैं। योगा कर सकती हैं। योगा के अलावा प्रणायाम कर सकती हैं क्‍योंकि गर्भ में पल रहा बच्‍चा मां के द्वारा ही ऑाक्‍सीजन लेता हैं ऐसे में मां का ऑक्‍सीजन लेवल अच्‍छा रहेगा तो इससे बच्‍चे को सपोर्ट मिलेगा। डिप्रेशन से दूर रहने के लिए महिलाओं को म्‍यूजिक सुनना चाहिए।

स्‍तनपान करवाने महिलाओं को क्‍या प्राक्‍शन लेना चाहिए?
स्‍तनपान करवाने वाली महिलाएं निसंकोच वैक्‍सीन लगवा सकती है उसके बाद बच्‍चे को पहले की तरह फीड भी करवा सकती है। इसका कोई प्रभाव बच्‍चे पर नहीं पड़ेगा।

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