अटल जी भारत रत्न देने के लिए पूरी संसद भी उपस्थित हो, तो भी कम: कुमार विश्वास
गाजियाबाद। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को आज भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। जब सम्मान से बड़ा सम्मान पाने वाला हो तो कई चीजें लीक से हटकर होती हैं। जी हां चुकि वाजपेयी की सेहत बहुत खराब है इसलिए ऐसा पहली बार होगा जब प्रोटोकॉल तोड़कर खुद राष्ट्रपति उन्हें भारत रत्न देने जाएंगे। यह कार्यक्रम कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आवास पर होगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी सहित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल होंगे।

अटल जी को यह पुरस्कार देने के ऐलान पर पूरा देश खुश है। आम आदमी पार्टी के सदस्य और जाने-माने कवि डॉ कुमार विश्वास ने भी इसे शुभ संकेत बताया है। कुमार विश्वास ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा है कि ''आदरणीय अटल जी को 'भारत रत्न' की बहुत-बहुत बधाई। देश के सर्वोच्च अधिकारी माननीय राष्ट्रपति द्वारा स्वयं जा कर यह पुरस्कार देना शुभ संकेत है। कुछ अपवादों के आगे कोई भी प्रोटोकॉल मायने नहीं रखता।
1987 में जब भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी पर एक श्रीलंकाई नेवी के कर्मचारी ने हमला किया था, उसके बाद भारत लौटने पर राजीव जी को रिसीव करने स्वयं तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह गए थे, जबकि वह प्रोटोकॉल के खिलाफ था। लेकिन ऐसा उन्होंने इसलिए किया था, कि वो 'राजीव गांधी' को नहीं, बल्कि भारत के उस प्रतिनिधि को लेने गए, जिसपर एक विदेशी ने नज़र डाली थी, ताकि दुनिया भर को एक सन्देश दिया जा सके। इसलिए, प्रोटोकॉल से परे अटल की को भारत रत्न देने के लिए यदि देश की पूरी संसद भी उपस्थित हो, तो भी कम है।''












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