Eva Nammava कानून क्‍या है? कर्नाटक में इंटर-कास्ट, इंटर-रिलिजन कपल्स का कैसे करेगा फुल प्रोटेक्शन?

What is Eva Nammava law? कर्नाटक देश का ऐसा राज्‍य बन चुका है जहां पर 'ऑनर किलिंग' जैसे जघन्य अपराधपर लगाम लगाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सिद्धारमैया सरकार ने 'एवा नम्मावा' विधेयक, 2026 पास कर दिया है। जिसका मकसद सिर्फ अपराधियों को सजा देना नहीं, बल्कि खतरे में जी रहे दूसरी जाति में शादी करने वाले जोड़ों को पहले से सुरक्षा देना है।

दरअसल, कर्नाटक सरकार ने ये विधेयक लागू करने का फैसला दिसंबर 2025 में 19 साल की मन्या पाटिल की दर्दनाक हत्या के बाद लिया है। आइए जानते हैं क्‍या है ये मामला और इस कानून से कैसे दूसरी जाति में शादी करने वाले जोड़ों को कर्नाटक के सुरक्षा मिलेगी?

Eva Nammava law

क्‍या है मान्‍या पाटिल केस?

मई 2025 में मान्‍या पाटिल की शादी के बाद, दंपति को परिवार के कड़े विरोध और धमकियों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते वो कर्नाटक में स्थित अपने गांव इनाम वीरपुर छोड़कर हावेरी चले गए। पुलिस के हस्तक्षेप और पिता के लिखित आश्वासन के बावजूद, मन्या और विवेकानंद 8 दिसंबर, 2025 को इस उम्मीद में गांव लौटे कि गर्भावस्था से संबंध सुधरेंगे।

पिता और रिश्‍तेदारों ने कर दी थी मान्‍या की हत्‍या

लेकिन 21 दिसंबर, 2025 को उनके पिता प्रकाशगौड़ा पाटिल और अन्य रिश्तेदारों सहित हमलावरों ने उनके घर में कथित तौर पर कथित तौर पर मन्या पर लोहे के पाइपों और छड़ों से बेरहमी से हमला किया। छह-सात महीने की गर्भवती मन्या ने हुब्बल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। उसके पति के माता-पिता भी उसे बचाने की कोशिश में गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद कर्नाटक सरकार ने ऐसे अपराधों की रोकथाम व निषेध (एवा नम्मावा) विधेयक, 2026' पारित किया है।

Eva Nammava कानून क्‍या है?

कर्नाटक का नया 'एवा नम्मावा' कानून भारतीय न्याय संहिता से आगे जाकर ऐसे जोड़ों को पहले से सुरक्षा देने पर जोर देता है, जिन्हें अपनी पसंद से शादी करने पर खतरा होता है। साफ शब्दों में कहें तो, अब सिर्फ अपराध होने के बाद कार्रवाई नहीं, बल्कि पहले ही बचाव की व्यवस्था की जा रही है।

अंतर-जातीय या अंतर-धार्मिक जोड़े की सुरक्षा कैसे करेगा ये कानून?

अगर किसी जोड़े को खतरा महसूस होता है, तो पुलिस को 6 घंटे के अंदर सुरक्षा देनी होगी। हर जिले में "एवा नम्मावा वेदिके" नाम का प्लेटफॉर्म बनेगा, जहां शादी का रजिस्ट्रेशन, काउंसलिंग और मदद मिलेगी। साथ ही, जरूरत पड़ने पर सुरक्षित रहने की सरकारी व्यवस्था भी उपलब्ध होगी।

  • Eva Nammava कानून में क्‍या है प्रवाधान?

  • इस कानून की खास बात यह है कि अब सिर्फ मारपीट ही नहीं, बल्कि सामाजिक बहिष्कार, जाति से निकालना या किसी को 'मरा हुआ' मानने जैसे पुराने रिवाज भी अपराध माने जाएंगे।
  • अगर 5 या उससे ज्यादा लोग मिलकर किसी शादी का विरोध करते हैं, तो वह भी गैरकानूनी होगा। सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती रखे गए हैं, और सजा भी सख्त है-'ऑनर किलिंग' पर 5 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

कानून पर छिड़ी बहस

हालांकि, कानून बनने के बाद भी बहस खत्म नहीं हुई है। विपक्ष के नेता आर. अशोक का कहना है कि असली समस्या गवाहों के मुकर जाने की है, जिससे ऐसे मामलों में सजा कम हो जाती है। कुछ लोगों का मानना है कि नए कानून से ज्यादा जरूरी है समाज की सोच बदलना।

राज्‍स्‍थान में कानून पास हुआ लेकिन...

वहीं, राजस्थान का उदाहरण भी चर्चा में है, जहां 2019 में ऐसा ही एक कानून पास हुआ था, लेकिन जनवरी 2026 में उसे वापस भेज दिया गया। वजह यह बताई गई कि पुराने कानूनों की जगह अब नए आपराधिक कानून आ चुके हैं, और मौजूदा प्रावधान ही ऐसे अपराधों से निपटने के लिए काफी माने जा रहे हैं।

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