ओडिशा के इंजीनियरिंग छात्रों को गोमांस पकाने पर छात्रावास से निकाला, जानिए पूरा मामला
Odisha News: ओडिशा के बरहामपुर में पराला महाराजा इंजीनियरिंग कॉलेज के सात छात्रों को कथित तौर पर गोमांस पकाने के आरोप में उनके छात्रावास से निकाल दिया गया। इस घटना के कारण तनाव बढ़ गया और कॉलेज परिसर में अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक छात्र कल्याण के डीन ने गुरुवार को एक अधिसूचना जारी की। जिसमें कहा गया कि छात्रों को प्रतिबंधित गतिविधियो में शामिल होने के कारण निष्कासित किया गया है। जो हॉल ऑफ रेजिडेंस के नियमों और आचार संहिता का उल्लंघन करती हैं। हालांकि इस बात पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया कि इन प्रतिबंधित गतिविधियों में क्या शामिल था।

बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों ने कॉलेज का दौरा किया और प्रिंसिपल से मिलकर इसमें शामिल छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कॉलेज प्रशासन ने छात्रावास में रहने वाले छात्रों के एक समूह की शिकायत के बाद जांच की। जांच में पता चला कि छात्रावास में रहने वाले छात्रों ने कॉलेज परिसर में कुछ प्रतिबंधित गतिविधियों में भाग लिया था। जिसके कारण उन्हें निष्कासित किया गया है।
यह घटना बुधवार रात को हुई जब कुछ छात्रों ने छात्रावास में गोमांस पकाया। छात्रावास में रहने वाले छात्रों के एक अन्य समूह ने डीन को इसकी सूचना दी। इसके बाद आधिकारिक प्रतिक्रिया आई। शिकायत में कहा गया कि एक विविध समुदाय के रूप में हम सभी छात्रों के मूल्यों और विश्वासों का सम्मान करने के महत्व को समझते हैं। इस घटना ने अशांति और असुविधा पैदा की है। जिससे तनावपूर्ण माहौल बन गया है। मैं इस घटना में शामिल छात्रावासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध करता हूं।
इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों के मुताबिक निष्कासित छात्रों में से एक पर 2,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। कई बार पूछताछ के बावजूद इस बात पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई कि किन प्रतिबंधित गतिविधियों के कारण उन्हें निष्कासित किया गया है।
इस महीने की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के अमरोहा में भी ऐसी ही घटना हुई थी। यहां एक स्कूल प्रिंसिपल ने सात साल के एक छात्र को स्कूल से निकाल दिया था। क्योंकि वह मांसाहारी भोजन स्कूल में लाया था। वायरल हुए एक वीडियो में प्रिंसिपल द्वारा टिप्पणी की गई थी। जब छात्र की मां ने अपने बच्चे के निष्कासन पर सवाल उठाया था। इस मामले में आई प्रतिक्रिया के बाद अमरोहा के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने घोषणा की कि बेसिक शिक्षा अधिकारी और स्कूलों के जिला निरीक्षक द्वारा जांच की जाएगी।
पराला महाराजा इंजीनियरिंग कॉलेज की यह स्थिति शैक्षणिक संस्थानों में खाद्य प्रथाओं से संबंधित तनाव को दर्शाती है।












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