700 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी मामले में ED का एक्शन, प्रीतिमय चक्रवर्ती गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को 700 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में आरपी इंफोसिस्टम्स लिमिटेड के खिलाफ एक और गिरफ्तारी की है। ईडी ने आरपी इंफोसिस्टम्स लिमिटेड के खिलाफ धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है।
700 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में ईडी ने जिसे गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान प्रीतिमोय चक्रवर्ती के नाम से हुई है।

आरोपी को सोमवार को अदालत के समक्ष पेश किया गया। जहां से उसे छह सितंबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने एक बयान में कहा कि ईडी ने आरपी इंफोसिस्टम्स के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत 25 अगस्त को प्रीतिमोय चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया है।
ईडी के अनुसार आरपी इंफोसिस्टम्स और उसके निदेशकों के खिलाफ आईपीसी और पीसी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सीबीआई, बीएस एंड एफसी, कोलकाता द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की गई है।
इस मामले में सीबीआई ने दो आरोपपत्र भी दाखिल किए हैं। ईडी की जांच से पता चला कि आर.पी. इंफोसिस्टम्स ने कंपनी के झूठे और मनगढ़ंत शेयरों और वित्तीय आंकड़ों के आधार पर बैंकों के एक संघ से विभिन्न क्रेडिट सुविधाओं का लाभ उठाया।
कंपनी ने बैंकों के संघ का बकाया नहीं चुकाया और इस तरह उसे 700 करोड़ रुपये का चूना लगाया।आगे यह भी पता चला कि इन क्रेडिट सुविधाओं के खिलाफ, आर.पी. इंफोसिस्टम्स ने विभिन्न शेल कंपनियों के पक्ष में कई आईएलसी खोले। इसके बाद उक्त फर्मों ने बिना किसी वास्तविक व्यावसायिक लेनदेन के झूठे टैक्स चालान, चालान, लॉरी रसीद आदि के आधार पर अपने खातों में आईएलसी की छूट दी।
इससे पहले ईडी ने उक्त मामले में सुरेश कुमार महरवाल और विकास जोशी नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।












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