Energy Efficient Fans: सितंबर के बाद 10 मिलियन पंखों का टारगेट, जानिए मकसद
ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देकर बिजली की खपत को कम किया जा सके, इस मकसद से ऊर्जा मंत्रालय ने सार्वजनिक उपक्रमों का एक संयुक्त उद्यम शुरू किया है। एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने 10 मिलियन पंखों को बढ़ावा देने की योजना बनाई है।
सितंबर से पूरे भारत में थ्री और फाइव स्टार पंखों की संख्या बढ़ाई जाएगी। ईईएसएल की रणनीतिक पहल का मकसद ऊर्जा कुशल पंखों को व्यापक रूप से अपनाने, उपभोक्ताओं, सरकारों, सार्वजनिक और निजी संगठनों को ऊर्जा बचाने, बिजली बिल कम करने और देश की टिकाऊ ऊर्जा में योगदान बढ़ाना है।

कम बिजली बिल वाले पंखों को प्रोत्साहित करके देश के एनडीसी (Nationally Determined Contributions) लक्ष्य का समर्थन करना है। आंध्र प्रदेश ऊर्जा संरक्षण में सबसे आगे है, ये उन राज्यों में से एक है, जिसे नए पंखों की इस पहल से लाभ होगा।
ऊर्जा दक्षता उपकरणों के महत्व और प्रभाव पर ईईएसएल के राज्य प्रमुखों और हितधारकों के साथ बातचीत करते हुए, ईईएसएल के सीईओ विशाल कपूर ने कहा कि सीलिंग फैन भारतीय घरों में एक सर्वव्यापी उपकरण है, जिसका ऊर्जा खपत पर स्थायी प्रभाव पड़ता है।
ईईएसएल के पिछले प्रमुख कार्यक्रम उजाला ने घरेलू उपभोक्ताओं को एलईडी बल्ब, एलईडी ट्यूब लाइट और ऊर्जा दक्षता पंखे प्रदान करके उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया और आंध्र विश्वविद्यालय द्वारा आंध्र प्रदेश में किए गए अध्ययन के अनुसार, प्रति एलईडी बल्ब औसत वार्षिक बचत लगभग 73.7 यूनिट है। ईईएसएल ने आंध्र प्रदेश में लगभग 3.24 लाख ऊर्जा कुशल पंखे वितरित किए हैं, जिससे 10 करोड़ रुपये मूल्य की 30 एमयू की अनुमानित ऊर्जा बचत हुई है।
ईईएसएल के वरिष्ठ अधिकारी अनिमेष मिश्रा ने कहा कि बीएलडीसी पंखों के उपयोग से प्राप्त ऊर्जा बचत से सरकारों के लिए लागत बचत हो सकती है। इसके अलावा, सार्वजनिक और निजी संगठनों के साथ-साथ व्यक्तियों को भी अपने बिजली बिलों में ठोस कमी देखने को मिलेगी।












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