Electoral Bond: कौन हैं जया ठाकुर? जिनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कर दी SBI की खिंचाई
Electoral Bond: चुनावी बॉन्ड स्कीम से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अहम निर्णय दिया है। मामले में भारतीय स्टेट बैंक की याचिका खारिज करने के साथ बैंक को 12 मार्च को चुनाव आयोग को चुनावी बांड का विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। चुनावी बांड योजना को रद्द करने की मांग करने वाले याचिकाकर्ताओं में जया ठाकुर (Jaya Thakur) भी हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अदालत ने इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए अपना फैसला लिया है।
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार को झटका लगा है। दरअसल, सर्वोच्च अदालत ने चुनावी बॉन्ड स्कीम को रद्द कर दिया है। पांच जजों की बेंच ने स्कीम को रद्द करते हुए इसे असंवैधानिक भी बताया है। चुनावी बॉन्ड के खिलाफ लड़ाई लड़ने वालों में से एक याचिकाकर्ता जया ठाकुर भी हैं।

इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव आयोग को 15 मार्च को शाम 5 बजे तक बैंक द्वारा साझा किए गए विवरण को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करने का भी निर्देश दिया है।
कौन हैं जया ठाकुर?
जया ठाकुर पेशे से डॉक्टर हैं और वे कांग्रेस से जुड़ी हैं। जया (Jaya Thakur) के पति वरुण ठाकुर सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं। जया एमपी के सागर जिले के बंडा की रहने वाली हैं। आमतौर पर जया सामाजिक मुद्दों से जुड़ी हैं, वे आम जनता से जुड़े कई मामलों को वो अदालत लेकर जा चुकी हैं।
एडीआर और सीपीआई (एम) के साथ चुनावी बांड योजना को रद्द करने की मांग करने वाली अपील में याचिकाकर्ताओं में से एक जया ठाकुर का भी नाम शामिल है, जिन्होंने वह सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि वे भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का निर्णय अहम है।
याचिका में जया ठाकुर ने क्या कहा ?
2018 में जब यह चुनावी बॉन्ड योजना प्रस्तावित की गई थी। स्कीम के मुताबिक अगर किसी पार्टी को कोई पैसा देना चाहता है तो वो बैंक से बॉन्ड खरीद सकता है। स्कीम के मुताबिक पार्टी को चंदा देने वाले का नाम उजागर नहीं किया जाएगा। याचिका में इस स्कीम को चुनौती देते हुए कहा कि गया कि ये सूचना के अधिकार के खिलाफ है। इसका खुलासा किया जाना चाहिए।












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