जम्मू-कश्मीर और झारखंड में बजा चुनाव का बिगुल
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर और झारखंड में विधान सभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। आयोग ने जम्मू-कश्मीर और झारखंड के साथ दिल्ली की 3 विधानसभा पर उपचुनाव की तारीखों का भी ऐलान कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने कहा कि दोनों ही राज्यों में 5 चरणों में चुनाव कराये जायेंग। वहीं पहले चरण का मतदान ही 25 नवंबर को कराया जाएगा जिसमें दिल्ली की तीन विधानसभा की सीटें भी शामिल हैं।

दोनों ही राज्यों में 25 नवंबर, 2, 9, 14, 20 दिसंबर को पांच चरणों में मतदान कराया जाएगा। लोकसभा चुनाव के बाद खाली हुई तीन विधानसभा सीटों पर पहले चरण के मतदान यानि 25 नवंबर को चुनाव कराया जाएगा। वहीं जम्मू-कश्मीर में चुनाव की तारीखों की घोषणा पर चल रहे विवाद को लेकर संपथ ने कहा कि चुनाव में भाग ले रहे सभी पक्षों के मत के बाद ही चुनाव की तारीखों की घोषणा की गयी है।
जम्मू कश्मीर की 87 और झारखंड़ की 81 सीटों पर मतगणना का काम 23 दिसंबर को होगा। वहीं दिल्ली में चुनावों को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब में मुख्य चुनाव आयुक्त वी एस संपत ने कहा कि दिल्ली में अभी राष्ट्रपति शासन चल रहा है और इसे अभी भंग नहीं किया गया है। ऐसे में तीन विधानसभा सीटों पर संविधान के अनुसार तीन महीने के भीतर चुनाव कराने होते हैं इसलिए इस तारीख की घोषणा की गयी है।
दोनों राज्यों पर एक नजर
- झारखंड में 81 सीटें हैं जिनमें से 9 अनुसूचित जाति के लिए और 28 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षति हैं।
- वहीं 7 सीटों वाली जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 7 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं।
- जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जनजाति का आरक्षण नहीं है।
- 2009 में हुए पिछले विधानसभा चुनावों में बीजेपी और झारखंड मुक्ति मोर्चा को 18-18 सीटें मिलीं।
- जबकि कांग्रेस की झोली में 13 सीटें आईं और 20 सीटें अन्य को मिलींझारखंड में इस समय कांग्रेस के समर्थन से जेएमएम की सरकार है
- झारखंड़ में मुख्यमंत्री का पद जेएमए के हेमंत सोरेन संभाल रहे हैँ।
- झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 3 जनवरी 2015 को खत्म हो रहा है
- जबकि जम्मू-कश्मीर की विधानसभा 19 जनवरी को खत्म हो रहा है।
- जम्मू कश्मीर में कुल 72 लाख वोटर्स हैं जिनके लिए 10015 पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
- झारखंड में दो करोड़ सात लाख मतदाता हैं जिनके लिए 24648 पोलिंग बूथ बनाए जायेंगे।
- जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के समर्थन से एनसी के उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में सरकार चल रही है।
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में अभी चुनाव नहीं कराये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के चलते लोगअभी इस हालत में नहीं है कि चुनाव प्रक्रिया में पूरी तरह से भाग ले सके हालांकि उन्होंने कहा कि आखिरी फैसला चुनाव आयोग का होगा और वह उन्हें स्वीकार होगा।












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