'15 नवंबर तक इलेक्शन बॉन्ड डेटा जमा कराएं', EC के आदेश के बाद राजनीतिक दलों से चुनाव आयोग
Election Commission On Electoral Bond: चुनावी बॉन्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बीच भारत के चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को 15 नवंबर को शाम 5 बजे तक चुनावी बॉन्ड के माध्यम से प्राप्त दान की डिटेल जमा करने की याद दिलाई है।
मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को चुनावी बॉन्ड योजना की शुरुआत के बाद से जारी किए गए सभी चुनावी बॉन्डों का विवरण 19 नवंबर तक एक सीलबंद पैकेट में जमा करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद अब चुनाव आयोग ने सभी पार्टियों को इसकी याद दिलाई है।

चुनाव आयोग की ओर से मंगलवार को भेजा गया रिमाइंडर कॉल अपने 3 नवंबर के आदेश को दोहराता है जो 2 नवंबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार जारी किया गया था। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड को लेकर दायर याचिका पर चुनाव आयोग को अपडेट डेटा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
राजनीतिक दलों को यह जानकारी ईसीआई के चुनाव व्यय प्रभाग के सचिव बिनोद कुमार को "दोहरे सीलबंद लिफाफे" में भेजनी होगी और इसे "गोपनीय-चुनावी बांड" के रूप में चिह्नित करना होगा।
आपको बता दें कि मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने 2 नवंबर के आदेश में ईसीआई को यह सारा डेटा एक सीलबंद पैकेट में रजिस्ट्रार (न्यायिक) को सौंपने का निर्देश दिया था।
जनवरी 2018 में योजना की अधिसूचना जारी होने के बाद से चुनावी बांड की बिक्री और खरीद से संबंधित सभी डेटा सौंपना होगा। अपने 2 नवंबर के आदेश में शीर्ष अदालत ने ईसीआई को 30 सितंबर, 2023 तक अपडेट डेटा पेश करने का निर्देश दिया था। यह नोट किया गया कि अप्रैल 2019 का आदेश उस तारीख तक सीमित नहीं था, जिस दिन इसे सुनाया गया था। आदेश में कहा गया, "अगर कोई अस्पष्टता थी, तो चुनाव आयोग के लिए इस न्यायालय से स्पष्टीकरण मांगना आवश्यक था।" सुप्रीम कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।












Click it and Unblock the Notifications