एग्जिट पोल पर चुनाव आयोग का बड़ा बयान, इशारों में विपक्ष को घेरा, रुझानों को लेकर भी कही ये बात
झारखंड और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। महाराष्ट्र की सभी 288 सीटों पर एक फेज में 20 नवंबर को वोटिंग होगी। जबकि झारखंड की 81 सीटों पर 13 और 20 नवंबर को दो फेज में मतदान होने हैं।प्रेस कांफ्रेंस में जब मीडिया ने काउंटिंग से जुड़े रुझानों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त, राजीव कुमार से सवाल किया तब पूरी प्रक्रिया को समझाते हुए उन्होंने इशारों-इशारों में कांग्रेस पर निशाना साधा।
उनका कहना था कि जब काउंटिंग शुरू होती है और जब तक चुनाव आयोग जारी नहीं करता है उस बीच कोई पार्टी बढ़त कैसे बना सकती है। उन्होंने काउंटिंग की पूरी प्रक्रिया को समझाते हुए एग्जिट पोल को सही ठहराने के लिए शुरुआत में गलत रुझान दिखाने को लेकर आशंका जाहिर की।
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'एग्जिट पोल से पैदा हो रही बड़ी विकृति'
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने एग्जिट पोल्स पर कहा, "एग्जिट पोल्स और उससे उत्पन्न उम्मीदों के कारण एक बड़ी विकृति पैदा हो रही है। यह प्रेस के लिए, खासकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए विचार और आत्मनिरीक्षण का विषय है। पिछले कुछ चुनावों में, अगर हम पूरे परिदृश्य को एक साथ देखें तो 2-3 चीजें एक साथ हो रही हैं..."
'एग्जिट पोल पर आत्मनिरीक्षण की जरुरत'
उन्होंने आगे कहा, "पहले, एक एग्जिट पोल आता है - जिसे हम नियंत्रित नहीं करते...लेकिन आत्मनिरीक्षण की आवश्यकता है कि नमूना आकार क्या था, सर्वेक्षण कहां किया गया, परिणाम कैसे आया और अगर वह परिणाम मेरे से मेल नहीं खाता तो मेरी जिम्मेदारी क्या है, क्या कोई खुलासे हैं - इन सभी को देखा जाना चाहिए। ऐसी संस्थाएं हैं जो इसे नियंत्रित करती हैं..."
प्रारंभिक रुझान पर उठाए सवाल
राजीव कुमार ने कहा, "मुझे यकीन है कि समय आ गया है कि जो संघ/संस्थाएं इसे नियंत्रित करती हैं, वे कुछ आत्म-नियमन करेंगी...चुनाव समाप्त होने के लगभग तीसरे दिन गिनती होती है। उम्मीदें शाम 6 बजे से बढ़ने लगती हैं...लेकिन सार्वजनिक खुलासे में इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। जब गिनती शुरू होती है, तो परिणाम सुबह 8.05-8.10 बजे से आने लगते हैं। यह बकवास है। पहली गिनती (ईवीएम की) सुबह 8.30 बजे शुरू होती है...क्या प्रारंभिक रुझान एग्जिट पोल को सही ठहराने के लिए होते हैं?"
'उम्मीदों और उपलब्धियों के बीच का अंतर केवल निराशा'
उन्होंने आगे कहा, "हम सुबह 9.30 बजे वेबसाइट पर परिणाम डालना शुरू करते हैं...तो जब वास्तविक परिणाम आने लगते हैं, तो असमानता होती है। वह असमानता कभी-कभी गंभीर मुद्दों को जन्म दे सकती है। उम्मीदों और उपलब्धियों के बीच का अंतर केवल निराशा ही होता है। इसलिए, यह मुद्दा ऐसा है जिस पर कुछ विचार-विमर्श की आवश्यकता है..."
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