हरियाणा वि.स. चुनाव- भाजपा-इनेलो को साथ लाने की कवायद तेज
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) हरिय़ाणा विधानसभा चुनाव को लेकर भले ही भाजपा यह दावा करे कि वह अकेले ही रणभूमि में उतरेगी, पर सच्चाई यह है कि उसे समझ आ रहा है कि ओम प्रकाश चौटाला की इनेलो से दूरियां बनाकर उसे लाभ नहीं होगा। इनेलो को हरिय़ाणा में जाटों का भरपूर समर्थन है।

इनेलो के साथ अकाली
यहीं नहीं, इनेलो के साथ अकाली दल भी खड़ा है। अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल तो कह चुके हैं कि वे पड़ोसी हरिय़ाणा के विधानसभा चुनावों में इइलों के लिए प्राचर करेंगे।
जानकारों का कहना है कि इसी सोच के बाद अब हरिय़ाणा भाजपा के बहुत से नेता चाहते हैं कि विधान सभा चुनाव से पहले ही भाजपा और इनेलो में सीटों के सवाल पर तालमेल हो जाए। इनका कहना है कि पहले डी चौटाला भाजपा के मिलकर चुनाव लड़ चुके हैं।
भाजपा-इनेलो मिलकर लड़ें
हरियाणा मामलों के जानकार दावा करते हैं कि अगर भाजपा और इनेलो मिल जाएं तो कांग्रेस साफ हो जाएगी। दरअसल भाजपा के अंदर इनेलो को लेकर सोच में बदलाल इसलिए भी हो रहा है क्योंकि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल इनेलो के हक में कैंपेन करेंगे।
ताकि न बरसे बादल
भाजपा चाह रही है कि अगर बादल उस पर बरसे तो उसका संदेश बहुत खऱाब जाएगा। हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला कह चुके हैं कि बादल परिवार का हमारे साथ पारिवारिक रिश्ता है। प्रकाश सिंह बादल हमारे दादा की जगह मैदान में उतरकर इस संघर्ष की लड़ाई में हमारा साथ देंगे और हमारा नेतृत्व करेंगे।
बादल को मनाने की कोशिशें
जानकारों का कहना है कि भाजपा की तरफ से बादल को समझाया जा रहा है कि वे भाजपा के खिलाफ हरियाणा चुनावों में न उतरें। यह बात दीगर है कि उन्होंने साफ कर दिया है कि वे चुनावों में इनेलो का साथ देंगे। बताते चले कि बादल और देवी लाल के बीच बहुत घनिष्ठ संबंध रहें हैं।












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