अगस्ता वेस्टलैंड मामले में श्रवण गुप्ता पर ED का शिकंजा, 7 ठिकानों पर छापेमारी
नई दिल्ली: अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े लोगों पर ईडी ने फिर से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बुधवार को बिजनेसमैन श्रवण गुप्ता और उनसे संबंधित सात ठिकानों पर छापेमारी की गई। गुप्ता रियल स्टेट कंपनी एम्मार एमजीएफ के पूर्व डॉयरेक्टर हैं। ईडी को शक है कि गुप्ता के तार मनी लांड्रिंग से जुड़े हैं, जिस वजह से सबूतों की तलाश में ये छापेमारी की गई। इससे पहले 2016 में भी ईडी ने उनसे पूछताछ की थी।
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ईडी का मानना है कि गुप्ता के यूरोपीय बिचौलिए गुइडो हाशके से अच्छे संबंध थे। जिसने भारत में रिश्वत के पैसे लाने में अहम भूमिका निभाई थी। हाशके 2009 में एम्मार-एमजीएफ का डायरेक्टर था। ईडी अधिकारियों के मुताबिक एक आरोपी द्वारा किए गए खुलासे के बाद ईडी ने श्रवण गुप्ता के ठिकानों पर कार्रवाई की है। वहीं ईडी की छापेमारी के बाद एम्मार कंपनी ने अपना बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि एम्मार और एमजीएफ ने कुछ साल पहले साथ काम किया था। मौजूदा वक्त में श्रवण गुप्ता की एम्मार में कोई भागीदारी नहीं है। एम्मार इंडिया सीधे अपने मूल Emar Properties PJSC, दुबई के नियंत्रण में है, साथ ही सभी सरकारी एजेंसियों का जांच में सहयोग करेगी।
क्या है मामला?
यूपीए-1 की सरकार के दौरान सरकार ने वीवीआईपी लोगों के लिए 12 खास हेलीकॉप्टर खरीदने की मंजूरी दी थी। जिसके बाद 3600 करोड़ में ये सौदा तय हुआ, जिसमें 360 करोड़ रुपये की घूस दी गई। घूस लेने में कई भारतीय राजनेताओं और सैन्य अधिकारियों का नाम सामने आया था। इस घोटाले में मनी लांड्रिंग की जांच ईडी कर रही है।












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