पी चिदंबरम को लेकर ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में किया बड़ा खुलासा

नई दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की आईएनएक्स मीडिया मामले में मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी ने उनके उपर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ईडी ने पी चिदंबरम पर आरोप लगाया है कि उन्होंने आईएनएक्स मीडिया मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की है। उन्होंने अपने सह षड़यत्रकर्ता के साथ मिलकर विदेश में अपनी प्रॉपर्टी को बेचने और बैंक खातों को बंद करने की कोशिश की है। लिहाजा इस मामले में पी चिदंबरम को कस्टडी में लेकर पूछताछ की जरूरत है।

 कोर्ट में दिया शपथ पत्र

कोर्ट में दिया शपथ पत्र

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में एक शपथ पत्र दायर किया है, जिसमे आरोप लगाया गया है कि पी चिदंबरम के विदेश के बैंको में खाते हैं, संपत्ति है। यह संपत्ति अर्जेंटीना, ऑस्ट्रिया, ब्रिटिश वर्जिन आइसलैंड, फ्रांस, ग्रीस, मलेशिया, मोनाको, फिलिपींस, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका, स्पेन, श्रीलंका में हैं, जहां के बैंक खातों में फर्जी कंपनियों द्वारा पैसा पहुंचाया गया है। ईडी का आरोप है कि चिदंबरम और अन्य षड़यंत्रकर्ता ना सिर्फ सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं, बल्कि गवाहों कोक भी प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

जांच अहम मोड़ पर

जांच अहम मोड़ पर

ईडी ने अपने शपथपत्र में कहा है कि जांच काफी अहम मोड़ पर पहुंच चुकी है, लिहाजा सबूतों को सुरक्षित करने की जरूरत है, गवाहों को संरक्षण देने की जरूरत है जिससे कि उन्हें प्रभावित नहीं किया जा सके। वहीं चिदंबरम के वकील ने इन दावों पर पलटवार करते हुए कोर्ट में कहा कि चिदंबरम जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं, जबकि ईडी का कहना है कि चिदंबरम जांच में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहे हैं और सवालों को जवाब भी नहीं दे रहे हैं। ईडी का दावा है कि इस पूरे मामले में चिदंबरम परोक्ष रुप से जुड़े हैं और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध के दोषी हैं।

गिरफ्तारी जरूरी

गिरफ्तारी जरूरी

ईडी की ओर से कहा गया है कि जांच में यह बात सामने आई है कि अपराध हुआ है, तमाम फर्जी कंपनियों के जरिए पैसों का लेनदेन किया गया है। अलग-अलग बैंकों में बेनामी निवेश के लिए इन फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। ईडी का कहना है कि इस पूरे मामले में पूछताछ के लिए पी चिदंबरम की गिरफ्तारी जरूरी है, अगर जांच एजेंसी को चिदंबरम की गिरफ्तारी नहीं दी जाती है तो यह न्याय की दिशा में बड़ी बाधा होगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा पी चिदंबरम की जमानत याचिका को खारिज करने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया था।

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