ईडी ने राज कुमार गोयनका और पंकज अग्रवाल को मनी-लॉन्ड्रिंग केस में किया गिरफ्तार
ईडी ने राज कुमार गोयनका और पंकज अग्रवाल को मनी-लॉन्ड्रिंग केस में किया गिरफ्तार
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने बिहार में दो लोगों को मनी-लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर हवाला लेनदेन के एक मामले से जुड़े थे।

इसमें कहा गया है कि राज कुमार गोयनका और पंकज अग्रवाल को 22 सितंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था और उन्हें राज्य की एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया था जिसने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। ईडी ने मंगलवार को"मुजफ्फरपुर के राज कुमार गोयनका और अशोक कुमार गोयनका ने अपने कर्मचारियों की तस्वीरों और दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी और बेईमानी से कई बैंक खाते खोले।
ईडी ने एक बयान में कहा, "इन खातों का उपयोग खाताधारकों की जानकारी के बिना बड़ी नकदी जमा के लिए किया गया था।" इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने 2016 के नोट बंदी के बाद बैंकिंग चैनलों का दुरुपयोग करके हवाला लेनदेन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर, 2016 को 500 रुपये और 1000 रुपये के करेंसी नोटों के विमुद्रीकरण की घोषणा की थी।
ईडी ने कहा कि नकद जमा, आरटीजीएस / एनईएफटी द्वारा कोलकाता, दिल्ली, मुंबई जैसे विभिन्न शहरों में स्थित अभियुक्तों के सहयोगियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए थे। ईडी ने मुजफ्फरपुर जिले के मिठनपुरा थाने में दर्ज एक दिसंबर, 2016 के आधार पर आरोपी के खिलाफ पीएमएलए मामला दर्ज किया। ईडी ने कहा कि बाद में इसने कोलकाता में पंकज अग्रवाल के परिसरों की तलाशी ली और शेल फर्मों से संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर लिया। "अग्रवाल मुज़फ़्फ़रपुर में राज कुमार गोयनका की मिलीभगत से कोलकाता में मनी लॉन्ड्रिंग की सुविधा दे रहे थे। अग्रवाल और राज कुमार गोयनका ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर और उनके नाम पर चल और अचल संपत्तियों में भारी निवेश किया है। ईडी ने उनको अपने कब्जे में ले लिया है।












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