Economic Survey: कैसी रहेगी अर्थव्यवस्था की रफ्तार? चुनौतियों के बीच GDP विकास दर ने दिया अच्छा संकेत
Budget and Economic Survey 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 22 जुलाई, 2024 को संसद में जो आर्थिक सर्वे (Economic Survey) पेश किया है, उसमें दुनिया के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार बेहतर दिख रही है।
वित्त मंत्री के मुताबिक घरेलू मसलों, भू-राजनीतिक संघर्षों से जुड़े जोखिमों और कठोर मौद्रिक नीतियों की वजह से जहां 2023 में वैश्विक आर्थिक विकास 3.2% रहा। वहीं, सारी चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2023 में जो रफ्तार पकड़ी, वह 2024 में भी जारी रही है।

8.2% की रफ्तार से बढ़ी 2024 में भारत की वास्तविक जीडीपी
इसका परिणाम ये है कि वित्त वर्ष 2024 में भारत की वास्तविक जीडीपी (real GDP) 8.2% की रफ्तार से बढ़ी, जिसने 24 की चार तिमाहियों में से तीन में 8% का आंकड़ा पार किया। व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए यह सुनिश्चित किया गया है कि बाहरी चुनौतियों का भारतीय अर्थव्यवस्था पर कम से कम प्रभाव पड़े।
2024 में जीडीपी की वृद्धि 2020 की तुलना में 20% ज्यादा रही
कोविड महामारी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था ने जिस तरह से रिकवरी की है और उसका विस्तार हुआ है, वह एक नजीर की तरह है। आर्थिक सर्वे के अनुसार वित्त वर्ष 2024 में वास्तविक जीडीपी वित्त वर्ष 2020 के स्तर से 20% ज्यादा रही। यह सफलता कुछ ही बड़ी अर्थव्यस्थाओं के हाथ लग सकी है।
यही वजह है कि वित्त वर्ष 2025 में आर्थिक विकास की संभावनाएं भी अच्छी दिख रही हैं, जो भू-राजनीतिक, वित्तीय बाजार और जलवायु जोखिमों पर निर्भर करती है।
2024-25 में भारत की वास्तविक जीडीपी 6.5 से 7% रहने का अनुमान
वहीं आर्थिक सर्वेक्षण में साल 2024-25 में भारत की वास्तविक जीडीपी 6.5 से 7% के बीच रहने की संभावना जताई गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल का केंद्रीय बजट पेश करने से एक दिन पहले संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया है। इसमें जो सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की जो उम्मीद जाहिर की गई हैं, वह इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड के 7% के अनुमानों के ही मुताबिक है।
जोखिमों को ध्यान में रखकर जीडीपी वृद्धि दर का दिया गया है अनुमान
सर्वे में कहा गया है, 'सर्वेक्षण में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर (real GDP growth rate) 6.5-7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जिसमें जोखिम भी संतुलित है, इस तथ्य को ध्यान में रखकर कि बाजार की अपेक्षाएं बहुत ज्यादा स्तर पर हैं।'
अच्छी वर्षा और बेहतर कृषि की संभावनाओं पर आधारित है जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान
सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2025 में भारत की मजबूत विकास का अनुमान सामान्य वर्षा की संभावनाओं और कृषि क्षेत्र पर इसके प्रभाव पर आधारित है। इसके साथ ही गूड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) और आईबीसी (भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता कोड-Insolvency and Bankruptcy Code) जैसे सुधारों के संभावित परिणाम भी इसमें शामिल किए गए हैं।
7% के करीब जीडीपी विकास दर की संभावना इस साल की शुरुआत में भी जताई गई थी
बता दें कि 1 फरवरी को लोकसभा चुनावों से पहले जो केंद्र सरकार ने 2024-25 में अंतरिम बजट पेश किया था, उस पहले भी वित्त मंत्रालय ने एक रिपोर्ट दी थी, जिसमें वित्त वर्ष 2025 में 7% के करीब जीडीपी विकास दर की संभावना जताई गई थी।
घरेलू मोर्चे पर काफी काम करने पर दिया गया जोर
आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी कहा गया कि हालांकि भारतीय अर्थव्यवस्था, 'मजबूत स्थिति और स्थिर आधार पर टिकी है, भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने में लचीलापन प्रदर्शित करते हुए' और जिस तरह से कोविड के बाद की अपनी रिकवरी को मजबूत किया है, इस रिकवरी को बनाए रखने के लिए घरेलू मोर्चे पर काफी सारा काम करना होगा।












Click it and Unblock the Notifications