Economic Survey: स्कूल छोड़ने वालों की दर में लगातार आई गिरावट, नामांकन में हुई बढ़ोत्तरी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए सर्वेक्षण में कहा गया है कि स्कूल छोड़ने की संख्या में गिरावट आई है और स्कूल और उच्च शिक्षा दोनों में नामांकन में वृद्धि हुई है।

केंद्र और राज्य सरकार की शिक्षा के क्षेत्र में की जा रही मेहनत रंग लाती नजर आ रही है। मंगलवार को संसद में 2022-23 के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश खुलासा किया गया कि वित्तीय वर्ष में लैंगिक समानता में भी सुधार हुआ है इसके साथ ही स्कूल छोड़ने की दर में लगातार गिरावट आई है और स्कूल और उच्च शिक्षा दोनों में नामांकन में वृद्धि हुई है।
नामांकन में सुधार हुआ है
मंत्री ने ये भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान लड़कियों के साथ-साथ लड़कों कि छह से 10 वर्ष की आयु में जनसंख्या के प्रतिशत के रूप में कक्षा 1 से 5 में प्राइमरी-नामांकन में सकल नामांकन अनुपात (GER) में सुधार हुआ है। यानी स्कूलों में एडमीशन लेने वाले छात्रों की संख्या में बढोत्तरी हुई है।
वित्तीय वर्ष 2022 में सुधार हुआ
इस सुधार ने वित्तीय वर्ष 2017 और वित्तीय वर्ष 2019 के बीच गिरावट के रुझान को उलट दिया है। उच्च-प्राथमिक में जीईआर 11-13 वर्ष की आयु में जनसंख्या के प्रतिशत के रूप में कक्षा 6 से 8 में नामांकन जो वित्तीय वर्ष 2017 और वित्तीय वर्ष 2019 के बीच स्थिर था, वित्तीय वर्ष 2022 में सुधार हुआ।
लड़कियों का नामांकन अनुपात (GER) लड़कों की तुलना में बेहतर है
2022-23 के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार प्राथमिक और उच्च-प्राथमिक स्तरों में संबंधित आयु वर्ग में लड़कियों का नामांकन अनुपात (GER) लड़कों की तुलना में बेहतर है। वहीं 2022 में स्कूल नामांकन 26.5 करोड़ बच्चों रहा। जिसमें 19.4 लाख अतिरिक्त बच्चे प्राथमिक से उच्च-माध्यमिक स्तर तक नामांकित थे। सर्वेक्षण में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2022 में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) का कुल नामांकन वित्त वर्ष-21 में 21.9 लाख की तुलना में 22.7 लाख है, जो 3.3 प्रतिशत की वृद्धि है।












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