पश्चिम बंगाल में कब होगा वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन? चुनाव आयोग ने दिया जवाब, जानें कौन लेगा फैसला?
SIR In West Bengal: भारत के चुनाव आयोग ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के आरोप को लेकर कड़ी फटकार लगाई। आयोग ने कहा है कि इस तरह के 'अनुचित शब्दों' का इस्तेमाल संविधान का अपमान है। इसके साथ ही आयोग ने ये भी साफ किया कि पश्चिम बंगाल में SIR कब आयोजित होगा?
चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, 'जब चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर भारत के मतदाताओं को निशाना बनाकर राजनीति की जा रही है, तो आज चुनाव आयोग सभी को यह स्पष्ट करना चाहता है कि चुनाव आयोग निडर होकर बिना किसी भेदभाव के गरीब, अमीर, बुजुर्ग, महिला, युवा सहित सभी वर्गों और सभी धर्मों के मतदाताओं के साथ चट्टान की तरह खड़ा था, खड़ा है और खड़ा रहेगा।'

'लॉन्चपैड के रूप में चुनाव आयोग का इस्तेमाल'
आज दोपहर नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए भारत के मतदाताओं को निशाना बनाने के लिए एक लॉन्चपैड के रूप में किया जा रहा है।
'आयोग के लिए सत्ताधारी दल और विपक्ष में कोई अंतर नहीं'
चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ, मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग के लिए सत्ताधारी दल और विपक्ष में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि, 'हमारे लिए हर पार्टी एक समान है।' उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग अपनी संवैधानिक ज़िम्मेदारी से पीछे नहीं हटेगा।
पश्चिम बंगाल में कब होगा वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन?
पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग ने रविवार को बयान दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राज्य में उपयुक्त समय पर एसआईआर कराने का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में भी जल्द ही तारीखों की घोषणा की जाएगी। बंगाल में SIR की तारीख को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयोग की टीम ही फैसला लेगी।












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