Poorvi Akash: पूर्वी वायु कमान की मेगा एक्सरसाइज, आसमान में गूंजेगी IAF विमानों की दहाड़
भारतीय वायुसेना की पूर्वी कमान 30 अक्टूबर से मेगा एक्सरसाइज शुरू होगी। जिस में अपने बेड़े में शामिल नए विमान के साथ भारतीय वायुसेना अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगी। पीआरओ डिफेंस गुवाहाटी की ओर जारी एक बयान में कहा गया है कि 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक अपना वार्षिक कमांड स्तर का अभ्यास 'पूर्वी आकाश' आयोजित किया जाएगा। गुवाहाटी के चुनौतीपूर्ण पहाड़ी इलाकों में वायुसेना का ये अभ्यास बेहद चुनौतीपूर्ण होगी, जिसके बीज आईएएफ के विमानों के जरिए अभ्यास किया जाएगा।
पीआरओ डिफेंस गुवाहाटी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि पूर्वी वायु कमान (EC) 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक अपना वार्षिक कमांड स्तर का अभ्यास 'पूर्वी आकाश' आयोजित करेगी। वायु सेना की इस मेगा एक्सरसाइज में आईएफ के बेडे में शामिल सभी वायु शक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा।

ये अभ्यास चुनौतीपूर्ण पहाड़ी इलाकों में की जाएगी। जिसमें भारतीय सेना का संयुक्त अभियान भी शामिल है। इसमें IAF गरुड़ IA के विशेष बलों (SF) के साथ विशेष अभियान में शामिल किए गए हैं। इस मेगा एक्सरसाइज के जारिए वायुसेना के बेड़े में शामिल विशेष लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन शामिल है।
पिछले हफ्ते एयर मार्शल एस. पी. धारकर ने कहा था कि वायु सेना विमानों को उतारने की सुविधाओं की कमी को कम करने के लिए देश के पूर्वी हिस्से में असैन्य सहित किसी भी उपलब्ध हवाई ठिकाने का उपयोग करने की अपनी क्षमता विकसित कर रही है। पूर्वी वायु कमान देश के हवाई क्षेत्र और सीमाओं की अधिक कुशल तरीके से रक्षा करने में सक्षम होने के लिए सभी नवीनतम तकनीकों को अपना रही है। धारकर ने संवाददाताओं को बताया कि वायुसेना के पास कई हवाई ठिकाने हैं। इसके साथ ही इस क्षेत्र में मौजूद हर हवाई ठिकाने का उपयोग करने की क्षमता का निर्माण किया जा रहा है।
एयर मार्शल एस. पी. धारकर के मुताबिक वायुसेना असैन्य हवाई ठिकाने या सैन्य हवाई ठिकानों के अलावा 'एडवांस लैंडिंग ग्राउंड' का जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करने की क्षमता विकसित कर रही है। ऐसे में पूर्वी क्षेत्र में भारतीय वायुसेना का ये अभ्यास बेहद अहम माना जा रहा है। जब भारतीय लड़ाकू विमानों के जरिए जवान शौर्य का प्रदर्शन करेंगे।












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