भारत-बांग्लादेश सीमा पर महसूस किए गए भूकंप के झटके, ढाका के पास था केंद्र
नई दिल्ली: भारत-बांग्लादेश सीमा पर बुधवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिसके बाद लोग घरों से बाहर निकलकर खुले मैदान की ओर भागने लगे। वैज्ञानिकों ने इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.2 बताई है। इसके साथ ही इसका केंद्र राजधानी ढाका के आसपास बताया जा रहा है। फिलहाल अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

सीमावर्ती इलाकों में डोली धरती
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक बुधवार सुबह भारतीय समयानुसार 7.10 बजे भूकंप के झटके आए। ये झटके बांग्लादेश के अलावा भारत के कुछ सीमावर्ती इलाकों में महसूस किए गए। भूकंप के तुरंत बाद बचाव की टीमों को स्टैंडबाई पर रख दिया गया। साथ ही अधिकारी हालात का जायजा लेने में जुटे हैं। आपको बता दें कि पिछले हफ्ते राजधानी दिल्ली में भूकंप के झटके आए थे। उस दौरान रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.6 बताई गई थी। वहीं भकूंप का केंद्र हरियाणा के रोहतक में था। इसके साथ ही पिछले महीने की बात करें तो दिल्ली एनसीआर में कुल पांच बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस दौरान भी रिक्टर स्केल पर तीव्रता कम ही थी, जिस वजह से कोई नुकसान नहीं हुआ था।

दिल्ली पर मंडरा रहा खतरा
देश के बड़े भू-विज्ञानियों ने सावधान करते हुए कहा है कि दिल्ली में लगातार आ रहे झटके इस बात के संकेत हैं कि निकट भविष्य में राजधानी में शक्तिशाली भूकंप कभी भी आ सकता है। भारत सरकार के विज्ञान व तकनीक विभाग के अंदर काम कर रहे वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के चीफ डॉक्टर कलाचंद सैन के मुताबिक समय, जगह और तीव्रता का अनुमान तो नहीं लगाया जा सकता, लेकिन दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में जिस तरह से लगातार धरती हिलने की घटनाएं हो रही हैं, उससे भविष्य में बड़ा भूकंप आ सकता है।

भूकंप के दौरान बरतें ये सावधानियां
भूकंप के दौरान अगर आप मकान, दफ्तर या किसी भी इमारत में मौजूद हैं, तो वहां से बाहर निकलकर खुले में आ जाएं। इसके बाद खुले मैदान की ओर भागें। अगर आप घर के अंदर हैं तो कोने और मेज के नीचे छुप जाएं। भूकंप आने की स्थिति में किसी बिल्डिंग के आसपास न खड़े हों। अगर आप ऐसी बिल्डिंग में हैं, जहां लिफ्ट हो तो लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। ऐसी स्थिति में सीढ़ियों का इस्तेमाल करना ही सही होता है।












Click it and Unblock the Notifications