Earthquake In Pakistan: पाकिस्तान में फिर कांपी धरती, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.2 नापी गई

Earthquake In Pakistan: पाकिस्तान में गुरुवार को एक बार फिर धरती कांपी, जब दोपहर क़रीब 4 बजे (भारतीय समय अनुसार) भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.4 मापी गई।

झटकों का केंद्र पंजाब प्रांत के मुल्तान के आसपास जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। भूकंप के झटकों से मुल्तान, लाहौर, बहावलपुर और आस-पास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।

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लोग अपने घरों, दुकानों और कार्यालयों से बाहर निकलकर खुली जगहों की ओर भागते नजर आए। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने झटकों की पुष्टि करते हुए वीडियो और तस्वीरें साझा कीं।

Earthquake In Pakistan: लगातार क्यों आ रहे झटके

यह कोई इक्का-दुक्का घटना नहीं है। पाकिस्तान में यह भूकंप सिर्फ दो दिन बाद आया है, जब 27 मई को शाम 7:20 बजे भी जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस वक्त भूकंप की तीव्रता 4.2 रही और केंद्र झंग सदर से 19 किलोमीटर पूर्व था - जो कि फैसलाबाद डिवीजन में चिनाब नदी के किनारे बसा एक महत्वपूर्ण शहर है।

इसी सप्ताह अफगानिस्तान में भी मध्यम तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसने पूरे दक्षिण एशिया को भूकंपीय गतिविधियों के प्रति सचेत कर दिया है।

Earthquake In Pakistan: बार-बार क्यों कांप रही है पाकिस्तान-अफगानिस्तान की जमीन?

भूकंप के इन लगातार मामलों ने आम लोगों से लेकर वैज्ञानिकों तक को चिंतित कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान और अफगानिस्तान का क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से अति-संवेदनशील है। कारण है कि यह इलाका दो बड़ी टेक्टोनिक प्लेट्स, इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट के टकराव क्षेत्र में आता है।

इन प्लेटों की धीमी लेकिन लगातार टक्कर के कारण जमीन के अंदर ऊर्जा धीरे-धीरे जमा होती रहती है। जब यह ऊर्जा एक सीमा से अधिक हो जाती है, तो वह अचानक बाहर निकलती है, जिसे हम भूकंप के रूप में अनुभव करते हैं।

Pakistan earthquake news: पहाड़ी इलाका, कमजोर इमारतें और डर का माहौल

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के कई इलाके जैसे खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान, सिंध और पंजाब पहाड़ी और घनी आबादी वाले हैं। इस कारण मामूली झटकों में भी लोगों में दहशत फैल जाती है।

इसके अलावा भूकंप की गहराई भी अक्सर बहुत अधिक होती है कभी-कभी 150 से 200 किलोमीटर तक। इससे झटके सिर्फ केंद्र पर नहीं, बल्कि दूर-दराज के इलाकों तक भी महसूस किए जाते हैं। कमजोर इमारतें और आपदा प्रबंधन की सीमित सुविधाएं हालात को और भी गंभीर बना देती हैं।

Pakistan tremor latest update: वैज्ञानिकों की चेतावनी, लेकिन सतर्क रहें

भूकंप वैज्ञानिकों का मानना है कि जब तक ये टेक्टोनिक प्लेट्स सक्रिय हैं, बार-बार भूकंप आना एक सामान्य वैज्ञानिक प्रक्रिया बना रहेगा। इससे बचा नहीं जा सकता, लेकिन उचित तैयारियों और जागरूकता से जान-माल के नुकसान को रोका जा सकता है।

पाकिस्तान में पिछले कुछ दिनों से लगातार आ रहे भूकंप ने वहां के लोगों को चिंता में डाल दिया है। चाहे वो मुल्तान हो या झंग सदर, हर बार झटका लोगों को एक नई दहशत दे रहा है। इन झटकों से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है ताकि बड़ी तबाही से बचा जा सके।

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