Droupadi Murmu vs Mamata Banerjee: राष्ट्रपति के अपमान पर भाजपा–तृणमूल आमने-सामने, क्या कहता है प्रोटोकॉल?
Droupadi Murmu vs Mamata Banerjee: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शनिवार को पश्चिम बंगाल दौरा एक पॉलिटिकल मुद्दा बन गया, क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप लगाया। 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पश्चिम बंगाल पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छोटे कार्यक्रम स्थल को लेकर नाराजगी जताई।
द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि 'प्रोटोकॉल के तहत उनके स्वागत करने के लिए मुख्यमंत्री या राज्य सरकार का कोई मंत्री मौजूद नहीं था, व्यक्तिगत तौर पर उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन देश के राष्ट्रपति के लिए तय किए गए प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए।'

जिस पर सीएम ममता बनर्जी ने भड़कते हुए कहा कि 'प्रेसिडेंट साहिबा,भाजपा के जाल में फंस गई हैं, वो राष्ट्रपति का सम्मान करती हैं, लेकिन अगर कोई 50 बार भी आए तो हर कार्यक्रम में शामिल होना संभव नहीं है और खासकर के तब, जब चुनाव नजदीक हों।'
Droupadi Murmu vs Mamata Banerjee: 'प्रशासन की ओर से कोई प्रोटोकॉल उल्लंघन नहीं'
उन्होंने कहा कि 'माननीय राष्ट्रपति का स्वागत और विदाई मेयर सिलीगुड़ी नगर निगम, डीएम दार्जिलिंग और सीपी सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट द्वारा राष्ट्रपति सचिवालय की स्वीकृत सूची के अनुसार सख्ती से हुई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री इस सूची या मंच योजना का हिस्सा नहीं थीं। जिला प्रशासन की ओर से कोई प्रोटोकॉल उल्लंघन नहीं हुआ।'
Droupadi Murmu News: पीएम मोदी ने की Mamata Banerjee की आलोचना
इस प्रतिक्रिया के बाद सीएम ममता पीएम मोदी और होम मिनिस्टर अमित शाह के निशाने पर आ गई, दोनों ने पश्चिम बंगाल की सीएम की कड़ी आलोचना की है। प्रोटोकॉल पर शुरू हुआ ये मुद्दा अब राजनीतिक बहस बन चुका है, चलिए इसी बीच जानते हैं कि आखिर प्रोटोकॉल सही मैं है क्या?
- दरअसल भारत में जब राष्ट्रपति किसी राज्य के दौरे पर जाते हैं, तो उनके स्वागत और सुरक्षा के लिए एक तय प्रोटोकॉल (Protocol) होता है। यह प्रोटोकॉल मुख्य रूप से गृह मंत्रालय (भारत), राष्ट्रपति भवन और संबंधित राज्य सरकार द्वारा तय किया जाता है।
- एयरपोर्ट या हेलिपैड पर स्वागत: राष्ट्रपति के पहुंचने पर राज्य के राज्यपाल स्वागत करते हैं। साथ में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहते हैं। राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है (आमतौर पर राज्य पुलिस या सशस्त्र बल द्वारा)।
- राष्ट्रीय सम्मान: राष्ट्रपति के आगमन पर राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान के साथ औपचारिक सम्मान दिया जाता है। सुरक्षा और औपचारिकता के अनुसार सलामी दी जाती है।
- राष्ट्रपति की सुरक्षा: राष्ट्रपति के अंगरक्षक और Special Protection Group (यदि लागू हो) और राज्य पुलिस प्रेसिडेंट की सुरक्षा का जिम्मा संभालती हैं। पूरा रूट पहले से Route Line-up के तहत क्लियर किया जाता है।
- राष्ट्रपति को राज्य में State Guest का दर्जा दिया जाता है। उनके ठहरने की व्यवस्था आमतौर पर राजभवन (Raj Bhavan) या विशेष सरकारी अतिथि गृह में होती है।कई बार राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ औपचारिक बैठक भी होती है।
- विदाई : वापसी के समय भी वही अधिकारी (राज्यपाल, मुख्यमंत्री आदि) एयरपोर्ट पर मौजूद रहते हैं। औपचारिक विदाई दी जाती है।
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