चीन से विवाद के बीच भारत को एक और बड़ी कामयाबी, पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल परीक्षण
नई दिल्ली: भारत का चीन के साथ पिछले 5 महीनों से विवाद जारी है। इस दौरान कई बार दोनों देशों के बीच युद्ध की भी स्थित बनी। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान भी अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। इन सब चुनौतियों के बीच भारत को शुक्रवार को एक बड़ी सफलता मिली। जिसके तहत पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल परीक्षण हुआ। ये मिसाइल आसानी से 250KM दूर स्थित अपने लक्ष्य को भेद सकती है।

1 टन विस्फोटक ले जाने में सक्षम
पृथ्वी-2 मिसाइल पहले से ही स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांड का हिस्सा है। जिस वजह से स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांड ने शुक्रवार शाम ओडिशा के तट से इसका परीक्षण किया, जोकि पूरी तरह से सफल रहा। लिक्विड-प्रोपेल्ड पृथ्वी -2 मिसाइल की रेंज 250 किलोमीटर है। साथ ही ये एक टन का वारहेड (विस्फोटक) ले जा सकती है। DRDO ने इस 9 मीटर लंबी मिसाइल को इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत विकसित किया था, जो सतह से सतह पर मार करने वाली भारत की पहली स्वदेशी मिसाइल थी।
Recommended Video

40 दिन के अंदर 11वां टेस्ट
तीन हफ्ते के अंदर ये पृथ्वी-2 का ये दूसरा सफल परीक्षण है। इससे पहले डीआरडीओ ने गोपनीय तरीके से 27 सितंबर की रात को इस परमाणु मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। वहीं 40 दिनों के अंदर डीआरडीओ का ये 11वां सफल परीक्षण है। शुक्रवार को हुए परीक्षण को मल्टी-फंक्शन रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिक टेलीमेट्री स्टेशनों से ट्रैक किया गया। इस दौरान मिसाइल हर मोर्चे पर खरी उतरी। सीमा विवाद के बीच इस मिसाइल के परीक्षण से दुश्मन देशों की चिंता बढ़ना लाजमी है।

रूद्रम का भी सफल परीक्षण
भारत ने इससे पहले 8 अक्टूबर को एक और मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। उस दौरान डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) के द्वारा विकसित एंटी-रेडिएशन मिसाइल रूद्रम ने अपने लक्ष्य को भेदा था। इस मिसाइल को पूर्वी तट पर सुखोई-30 विमान से दागा गया। इससे पहले 3 अक्टूबर को शौर्य मिसाइल का परीक्षण भारत ने किया था।












Click it and Unblock the Notifications