प्रतिभा पाटिल के बाद सर्वोच्च राष्ट्रपति पद पर पहुंचने वाली दूसरी महिला होंगी द्रौपदी मुर्मू और पहली आदिवासी
प्रतिभा पाटिल के बाद भारत के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद पर पहुंचने वाली दूसरी महिला द्रौपदी मुर्मू
नई दिल्ली, 21 जून: देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद के लिए भारतीय जनता पार्टी ने द्रौपदी मुर्मू का नाम फाइलन कर दिया है। भाजपा ने मंगलवार को द्रौपदी मुर्मू को एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में घोषित किया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद यह घोषणा की। महत्वपूर्ण बात ये है कि देश में पहली बार किसी महिला आदिवासी प्रत्याशी को वरीयता दी गई है। इसके साथ ही पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के बाद भारत को द्रौपदी मुर्मू के रूप में दूसरी महिला राष्ट्रपति मिलेगी।

द्रौपदी मुर्मू रहीं हैं झारखंड का राज्यपाल
आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्म ओडिशा की मूल निवासी हैं और उन्होंने 2015 और 2021 के बीच झारखंड के राज्यपाल का पद संभाला। द्रौपदीमुर्मू झारखंड की पहली आदिवासी महिला राज्यपाल भी रही हैं । राष्ट्रपति चुने जाने के बाद वह भारत के शीर्ष संवैधानिक पद पर काबिज होने वाली पहली आदिवासी महिला होंगी।

मुर्मू का यशवंत सिन्हा होगा मुकाबला
वह यूपीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगी, जिनकी उम्मीदवारी की घोषणा भाजपा ने की है। मालूम हो विपक्ष ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार तय किया है। जिसके बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया।

ओडिशा की मूल निवासी हैं द्रोपदी मुर्मू
64 वर्षीय द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के मयूरभंज की मूल निवासी हैं और वहां की विधानसभा सीट रायरंगपुर विधायक रहीं। इसके बाद वो ओडिशा रा्ज्य की पहली महिला नेता थीं जिन्हें किसी प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया। मुर्मू भाजपा-बीजद गठबंधन सरकार में साल 2002 से 2004 तक वह मंत्री पद भी संभाला है।

नए राष्ट्रपति के लिए 18 जुलाई को होगा चुनाव
बता दें राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को होंगे और आवश्यकता पड़ने पर वोटों की गिनती 21 जुलाई को होगी। नामांकन की आखिरी तारीख 29 जून तय की गई है। नए राष्ट्रपति को 25 जुलाई तक शपथ लेनी है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा
राष्ट्रपति चुनाव 2022 में कुल 4,809 मतदाता मतदान करेंगे। कोई भी राजनीतिक दल अपने सदस्यों को व्हिप जारी नहीं कर सकता है।

भारत में कैसे होता है राष्ट्रपति चुनाव
भारत के राष्ट्रपति का चुनाव परोक्ष रूप से एक निर्वाचक मंडल द्वारा डाले गए मतों से होता है। इस निर्वाचक मंडल में संसद के 776 सदस्य (लोकसभा और राज्य सभा दोनों) और विधानसभाओं के सदस्य शामिल हैं, जिसमें कुल 4,809 वोट हैं। विधानसभा के सदस्यों के मतों का मूल्य 543,231 है और सांसदों के मतों का मूल्य 543,200 है, जो 1,086,431 के मूल्य के बराबर है।












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