व्हीलचेयर वॉरियर ऑफ इंडिया को मानवीय कामों के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन से मिला सम्मान
Dr. Sai Kaustuv Dasgupta honored for humanitarian work from World Book of Records London
नई दिल्ली, 13 फरवरी। 90% विकलांग, व्हीलचेयर पर रहने वाले पुट्टपर्थी, आंध्र प्रदेश के डॉ. साई कौस्तुव दासगुप्ता को विभिन्न मानवीय सहायताओं के माध्यम से समाज और पीडब्ल्यूडी समुदाय के लोगों की बेहतरी के लिए किए जा रहे उनके शानदार योगदान के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट ऑफ एप्रीसिएशन) के साथ प्रतिष्ठित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा सम्मानित किया गया। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन ने उनकी कड़ी मेहनत को स्वीकार किया और दुनिया भर में उनके जैसे लाखों अलग-अलग लोगों के लिए प्रेरक गतिविधियों को चलाने के उनके दृढ़ संकल्प को सलाम किया।

मिल रही बधाई
सुश्री शिखा शर्मा (अध्यक्ष, कर्नाटक राज्य, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन, निदेशक, कांति स्वीट्स, प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा शेरेटन ग्रैंड बैंगलोर में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन प्रदान किया गया।यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता (राष्ट्रीय अध्यक्ष, डब्ल्यूबीआर) संतोष शुक्ला ने दी। डॉ. दासगुप्ता को मान्यता मिलने पर श्री विल्हेम जेजलर (प्रमुख डब्ल्यूबीआर यूरोप), पूनम जेजलर (अध्यक्ष, डब्ल्यूबीआर-स्विट्जरलैंड) और संतोष शुक्ला, अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट (अध्यक्ष, वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स) द्वारा बधाई दी गई।
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50 से अधिक फ्रैक्चर
दुर्लभ भंगुर हड्डी रोग से पीड़ित डॉ. दासगुप्ता को 50 से अधिक फ्रैक्चर हुए हैं और उनके बाएं हाथ की एक उंगली को छोड़कर, वह शरीर के किसी अन्य अंग को नहीं हिला सकते। वह उस उंगली से अंतरराष्ट्रीय ग्राफिक डिजाइन करते हैं और 500 से अधिक प्लेटफॉर्म पर मोटिवेश्नल स्पीच देते हैं। एक समावेशी राष्ट्र, सुलभ समाज के विकास में उनकी उपलब्धियां और योगदान स्थानीय अधिकारियों के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कठिनाइयों को सहा और सभी नकारात्मक पहलुओं का सकारात्मकता से सामना किया, जिससे उन्हें कई वैश्विक हस्तियों के साथ वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन की दुनिया में प्रवेश करने का मौका मिला।












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