दिल्ली-कोलकाता की भूकंपीय माइक्रोजोनिंग रिपोर्ट: खतरे से निपटने की तैयारी
नई दिल्ली। हालिया कुछ सालों में जिस तरह से पड़ोसी देशों में भूकंप को लेकर तबाही हुई है उसने भारत समेत विश्व के कई देशों को हिलाकर रख दिया है। इसलिए ही भारत में दिल्ली और कोलकाता के लिए भूकंपीय माइक्रोजोनिंग रिपोर्ट जारी की गई जिसे जारी किया विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और विज्ञान और पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री श्री वाई एस चौधरी ने।
रिपोर्ट जारी करते वक्त डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि भूंकप कब आयेगा इस बारे में तो कुछ कहा नहीं जा सकता है लेकिन सावधानी पूर्वक हम भूकंप के खतरों को कम कर सकते हैं इसलिए माइक्रोजोनिंग रिपोर्ट जारी की गई है जिसके जरिये हमें भूकंप के प्रभाव को कम करने में मदद मिलनी चाहिए। यह काम भूकंपीय खतरों के उचित मूल्यांकन, सुरक्षित भवन निर्माण संहिता क्रियान्वयन तथा उचित भू-उपयोग नियोजन से किया जा सकता है।
भूकंप के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी
तो वहीं विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री श्री वाई एस चौधरी ने कहा कि भूकंप के नुकसान को कम करने के लिए उचित कदम उठाए जा सकते हैं जिससे घनी आबादी वाले इलाके में हमें एक सुरक्षित ढांचा डिजाइन करने में मदद मिलेगी और जानमाल का नुकसान कम होगा।
दिल्ली-कोलकाता की भूकंपीय माइक्रोजोनिंग रिपोर्ट
देश में सूक्ष्म भूकंपीय जोनिंग मैप में दिल्ली भूकंपीय क्षेत्र IV में आता है तो वहीं कोलकाता शहर III और IV में आता, जहां भूकंप का खतरा सबसे ज्यादा है इसलिए भूकंपीय माइक्रोजोनिंग रिपोर्ट के जरिये हम इस खतरे से अच्छे से निपट सकते हैं।













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