मणिपुर सेना पर हुए आतंकी हमले में चीन की भूमिका पर शक: सूत्र
नई दिल्ली, 16 नवंबर: मणिपुर के चुराचनपुर में 13 नवंबर को सेना के काफिले पर आतंकियों ने घात लगाकर हमला कर दिया था। इस आतंकी हमसे में असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर और चार जवान शहीद हो गए। शहीदों के अलावा कर्नल की पत्नी और आठ साल के बेटे की भी इस हमले में जान गई थी। वहीं अब सेना के काफिले पर हुए इस हमले में चीन से कनेक्शन की बात सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो मणिपुर में असम राइफल्स पर हुए आतंकी हमले में चीनी सेना के रोल पर संदेह जताया जा रहा है।

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते मणिपुर में उग्रवादी हमले के सिलसिले में चीनी सेना की भूमिका जांच के दायरे में है, जिसमें असम राइफल्स के कर्नल, उनकी पत्नी, बेटे और चार अन्य राइफलमैन की मौत हो गई थी। बता दें कि दो आतंकवादी समूह पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ( PLA) और मणिपुर नागा पीपुल्स फ्रंट ने शनिवार को संयुक्त रूप से म्यांमार की सीमा के पास इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।
रिपोर्ट के मुताबिक अलगाववादी उग्रवादी संगठन PLA के आतंकियों को म्यांमार के शिविरों में चीनी सेना की ओर से ट्रेनिंग दिए जाने का शक है और उन्हें हथियारों की सप्लाई किए जाने की आशंका जताई है। सूत्रों ने कहा कि खुफिया एजेंसियों ने मणिपुर सीमा के पास कैंपों के ड्रोन वीडियो फुटेज को कब्जे में ले लिया है। इन कैंपो में चीनी सेना के टॉप अधिकारियों के मौजूद होने की आशंका है।
रिपोर्ट के मुताबिक बीजिंग कथित तौर पर ताइवान और तिब्बत में चीन विरोधी लॉबी के साथ भारत के जुड़ाव से परेशान है। इससे पहले भी कई इनपुट्स मिल चुके है कि चीन नॉर्थ ईस्ट में भारत के खिलाफ अलगाववादी संगठनों का समर्थन करने को तैयार है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि म्यांमार में चीन समर्थक संगठनों के साथ नॉर्थ ईस्ट के उग्रवादियों के सीधे संबंध है और उनका काम इन समूहों को भारत के खिलाफ समर्थन देना है।
सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया कि सुरक्षा एजेंसियों को इस बात की भी चिंता है कि नॉर्थ ईस्ट के उग्रवादियों को म्यांमार सेना का समर्थन प्राप्त है। जो अपने खुद के लोगों की कमी को देखते हुए नियमित गश्त के लिए उनका उपयोग करती है।












Click it and Unblock the Notifications