'J&K में धारा 370 हटने के बाद खुले शांति, स्थिरता और समृद्धि के द्वार', सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार
जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने को लेकर केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा दाखिल किया है। जिसमें केंद्र ने अपने बड़े निर्णय की वजह बताई है।
जम्मू कश्मीर से धारा 370 (Article 370) हटाए जाने के अपने फैसले का केंद्र सरकार ने बचाव किया है। मामले में अदालत ने सरकार ने अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है। जिसमें केंद्र ने सर्वोच्च अदालत को बताया है कि जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) से धारा 370 हटाया जाना कितना वहां के लिए कितना जरूरी था। कोर्ट में कहा गया कि इस निर्णय का असर दिखना शुरू हो गया है। राज्य में लोग अब शांति,समृद्धि और स्थिरता के बीच रहने के आदी हो रहे हैं।

गृहमंत्रालय ने कोर्ट को बताया का केंद्र से धारा 370 हटाने के फैसले का अब असर भी दिखना शुरू हो गया है। जम्मू कश्मीर में अब लोग शांति, स्थिरता और समृद्धि के साथ जी रहे हैं। इस राज्य के लोगों को भी वही अधिकार मिल रहे हैं, जो भारत के बाकी राज्यों के निवासियों को मिलते हैं। केंद्र ने अदालत में कहा कि जम्मू कश्मीर के लोग अब विकास की मुख्य धारा से जुड़ गए हैं।
केंद्र ने कहा कि धारा 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर में अलगाववादी और राष्ट्र-विरोधी ताकतें बेअसर हो गई हैं। गृहमंत्रालय ने अपने हलफनामे में कहा,'आज कश्मीर में स्कूल, कॉलेज, उद्योग सहित तमाम आवश्यक संस्थान सामान्य रूप से चल रहे हैं। राज्य में औद्योगिक विकास हो रहा है। कभी स्थिति ऐसी थी लोग डर के साये में जी रहे थे। लेकिन अब वे सुकून की जिंदगी जीते हैं।'
2023 में पत्थरबाजी खत्म, विकास की राह पर जम्मू कश्मीर
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोर्ट के बताया कि कश्मीर घाटी में औद्योगिक विकास के लिए केंद्र ने 28400 करोड़ रुपये का बजट रखा है। अब तक 78000 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आए हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट के केंद्र ने बताया कि वर्ष 2018 में 1767 संगठित पत्थर फेंकने की घटनाएं हुई, जो आज की तारीख में शू्न्य हैं। मंत्रालय ने बताया कि एंटी-टेरर एक्शन का रिजल्ट भी घाटी में देखने को मिला रहा है। सरकार के निर्णय से आंतकी तंत्र को बड़ा झटका लगा है। घाटी में आतंकी संगठनों में आतंकियों की भर्ती में भी कमी आई है। वर्ष 2018 में 199 नए आतंकी भर्ती किए गए थे, जबकि वर्ष 2023 में ये आंकड़ा घटकर 12 हो गया है।
12 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
धारा 370 को हटाए जाने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगली सुनवाई 12 जुलाई को करेगा। कोर्ट ने कहा कि अगर याचिकाकर्ताओं को मांगों पर विचार किया गया तो ये भारत की सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ होने के साथ- साथ जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों के भी खिलाफ होगा।












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