Exclusive: इस बार नदी में डौंडिया खेड़ा, सोना खोजने में जुटी दो राज्यों की पुलिस

दोनों सूबों के पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में गोताखोरों ने भारी-भरकम बॉक्स को नदी से बाहर निकालने की मशक्कत की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। दोनों सूबों ने संभावित स्थान की निगरानी के लिए पुलिस जवान तैनात कर दिए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों को यूपी-एमपी से जुड़े कहला (कोतवाली नगर) गांव स्थित केन नदी में खजाना होने की सूचना मिली। अफसरों के निर्देश पर कोतवाली प्रभारी विवेकानंद तिवारी पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंच गए। पुलिस ने पत्थरों के बीच फंसे बॉक्स को गोताखोरों के सहयोग से ढूंढ निकाला।
पढ़ें- अजब-गजब बातें जो आप नहीं जानते
रस्सी बांधकर ट्रैक्टर के जरिए बॉक्स को बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद भी बॉक्स को बाहर निकालने में पुलिस नाकाम रही। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर दो सशस्त्र पुलिस कर्मियों को यहां तैनात कर दिया गया। उधर, सूचना पर छतरपुर (एमपी) के गौरिहार थानाध्यक्ष भी पुलिस बल के साथ आ गए। मध्य प्रदेश का क्षेत्र बताकर कथित खजाने पर हक जताया।
यूपी-एमपी पुलिस का नदी किनारे डेरा
फिलहाल यूपी और एमपी पुलिस के जवान नदी किनारे गश्त कर रहे हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि नदी में दफन बॉक्स में खजाना है या कुछ और, अभी कहना मुश्किल है। हालांकि तिजोरी जैसी वजनदार संदूक में खजाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। क्रेन या जेसीबी की मदद से बॉक्स को बाहर निकाला जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।
उधर कहला गांव के रामबाबू, केश कुमार, अन्नू, कल्लू, देवीदयाल, शिव प्रसाद, फग्गू आदि ने बताया कि बॉक्स पत्थरों के बीच दबा है। गांव के कुछ लोगों ने इसे निकालने की कोशिश की थी। इसे खोलने की कोशिश भी की गई लेकिन कामयाब नहीं हो पाए थे। संभावना ये भी है कि ढक्कनदार भारी-भरकम बॉक्स अष्टधातु का बना है।
पहले मिली चुकी है अष्टधातु की तोप
बॉक्स में खजाना है या नहीं ये तो बाद में पता चलेगा। लेकिन कहला गांव के पास केन नदी से दो साल पहले मध्य प्रदेश पुलिस ने अष्टधातु की तोप बरामद की थी। गांव के ही बुजुर्ग देवी प्रसाद, भागवत निषाद और केशव आदि ने बताया कि मध्य प्रदेश का बारीखेड़ा-गौर किला केन नदी की जल धारा के बीच बना है।
इस किले में रखी तोप केन नदी में बहकर गांव के नजदीक आ गई। जिसे नदी नहाने गए कुछ युवकों ने देखा। इन युवाओं ने तोप हासिल करने के दौरान इसके मुहाने को क्षतिग्रस्त कर दिया। बाद में मामले की सूचना पर पहरा (मध्य प्रदेश) के एसडीपीओ दिनेश कड़नाल ने बेशकीमती तोप बरामद कर ली।
केन तट पर हैं कई ऐतिहासिक दुर्ग
बुंदेलखंड में केन नदी किनारे तमाम ऐतिहासिक दुर्ग हैं। इनमें उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर रनगढ़ किला सर्वाधिक चर्चित रहा है। तीन दशक पहले केन की जलधारा में भारी-भरकम तोप पाई गई थी। इसके साथ ही आज भी किला और महल के खंडहर यहां मौजूद हैं। इनके अधिकार को लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकारों के बीच विवाद भी हो चुका है।
दरअसल तीन शताब्दी की अवधि में केन की जलधारा में परिवर्तन हुआ और सीमा विवाद खड़ा हुआ। इसके अलावा जिला मुख्यालय के नजदीक भूरागढ़ दुर्ग भी स्वतंत्रता आंदोलन और इसके पहले तमाम युद्धों का गवाह रहा है। इस किले पर लंबे समय तक पेशवाओं का कब्जा रहा। गौरतलब है कि इन क्षेत्रों में खजाना होने की पुष्टि एएसआई और जीऐसआई भी कर चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications