सियासत पर हावी रील कॉन्सेप्ट! ट्रंप पर हमला खींचेगा 'गद्दी' के सुख का खाका? कौनसी हस्तियां उठा चुकी हैं लाभ?
Sympathy Card in Politics: फिल्मी दुनिया की पॉलिटिक्स का रंग अब रियल दुनिया की सियासत में घुलता नजर आने लगा है। यह खासकर तब दिखता है, जब कोई राजनीतिक नेता चुनाव के दौरान किसी कारणवश घायल हो जाए और फिर जनता की सहानुभूति का चप्पू उसकी नैया पार लगा दे और उसे प्रदेश या देश का राजा बना दे।
इस तरह के उदाहरण हमें भारत की राजनीति में काफी देखने को मिलते हैं। जब एक नेता किसी दुर्घटना या हमले में घायल हो जाते हैं, तो जनता उसकी सहानुभूति में बढ़चढ़ कर समर्थन देती है। इससे न केवल उनकी लोकप्रियता में इजाफा होता है, बल्कि चुनाव में उसकी जीत की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। इस प्रकार, सियासत और फिल्मी कॉन्सेप्ट का यह मिलाजुला रूप हमें बार-बार देखने को मिलता है। आइए आपको रूबरू कराते हैं फिल्मी कॉन्सेप्ट का सियासत से सीधा कनेक्शन...

डोनाल्ड ट्रंप पर हमला दिलाएगा 'गद्दी'?
14 जुलाई को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर जानलेवा हमला हुआ। जिसमें ट्रंप की बुलंद किस्मत ने स्नाइपर की गोली को भी मात दे दी। अब देखना यह है कि हाल ही में यूएस में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में क्या जनता की सहानुभूति ट्रंप के लिए 'गद्दी' के सुख का खाका खींचेगी?
ममता बनर्जी के किस्से में फिल्मी रंग?
- साल 1990 में, जब वे दक्षिण कोलकाता के हाजरा क्रॉसिंग पर एक विरोध प्रदर्शन कर रही थीं, तब उन पर CPI(M) समर्थकों ने हमला किया। इस हमले में ममता बनर्जी गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं और उनके सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। इस घटना ने राज्य की राजनीति में बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया और ममता बनर्जी को जनता की सहानुभूति और समर्थन प्राप्त हुआ। इस हमले के बाद ममता बनर्जी की छवि एक संघर्षशील नेता के रूप में उभरी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस को एक मजबूत राजनीतिक दल बनाया और राज्य की राजनीति में अपनी स्थिति को मजबूत किया।
- साल 2021: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान ममता के पैर में चोट लगी थी।जिसको लेकर उन्होंने विपक्ष पर निशाना भी साधा था। पैर में प्लास्टर बंधे होने के बावजूद ममता ने पार्टी के लिए विधानसभा चुनाव में प्रचार किया था। व्हीलचेयर पर बैठे-बैठे जनसंवाद किया। सुर्खियां बटोरी और चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बन गईं।
मायावती गेस्ट हाउस कांड, सहानुभूति ने बना दिया CM
- मायावती उत्तर प्रदेश की प्रमुख दलित नेता और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया हैं। वह उत्तर प्रदेश की 4 बार सीएम भी रह चुकी हैं। साल 1984 में मायावती बसपा में शामिल हुईं। 1994 में पहली बार राज्यसभा सांसद बनीं। फिर 1995 के गेस्ट हाउस कांड में मिली जन सहानुभूति ने उन्हें प्रदेश का पहली बार मुख्यमंत्री बनाया। यह घटना 2 जून 1995 की है, जब समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच गठबंधन टूट गया था। उस समय सपा के मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे और बसपा ने गठबंधन से समर्थन वापस लेने का फैसला किया था। मायावती लखनऊ के एक गेस्ट हाउस में अपने विधायकों के साथ ठहरी हुई थीं।
- उसी दौरान सपा समर्थकों ने गेस्ट हाउस पर हमला कर दिया। इस हमले में मायावती को काफी प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और वे घायल हो गईं। इस घटना के बाद मायावती को व्यापक सहानुभूति मिली। जनता के बीच मायावती की छवि एक मजबूत और साहसी नेता के रूप में उभरकर आई। घटना के तुरंत बाद, बसपा के टिकट पर मायावती बीजेपी और अन्य दलों के बाहरी समर्थन से पहली दलित महिला मुख्यमंत्री बनीं।
पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान का क्या है किस्सा?
- दरअसल, पाक के पूर्व पीएम अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। हालांकि, पाकिस्तान की एक कोर्ट ने 13 जुलाई को गैर-इस्लामिक विवाह मामले में जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को बरी कर दिया है। इमरान की गिरफ्तारी के 9 महीने बाद पाकिस्तान में 8 फरवरी 2024 को आम चुनाव हुए थे। इस वक्त पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जेल में थे।
- चुनाव से 5 दिन पहले 3 अलग-अलग मामलों में 31 साल की सजा सुना दी गई थी। उनकी पार्टी के प्रचार करने पर भी बैन लगा दिया गया था। लेकिन, पाकिस्तान की आवाम की सहानुभूति का चप्पू ऐसा चला कि इमरान के समर्थन वाले निर्दलीय उम्मीदवारों को सबसे ज्यादा 93 सीटें मिलीं थी।
इन फिल्मों का सियासत से सीधा कनेक्शन?
- नायक: द रियल हीरो (2001) - बॉलीवुड की इस फिल्म में अनिल कपूर ने एक साधारण व्यक्ति 'शिवाजी राव' का किरदार निभाया है, जो एक दिन का मुख्यमंत्री बनता है और भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़ता है। फिल्म में उसके घायल होने और संघर्ष करने के बावजूद, वह जनता की सहानुभूति का लाभ पाकर मुख्यमंत्री बनने में कामयाब रहता है।
- राजनीति (2010) - इस फिल्म में रणबीर कपूर ने एक युवा नेता का किरदार निभाया है, जो अपने परिवार और राजनीति के बीच संघर्ष करता है। फिल्म में रणबीर के किरदार को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और वह घायल भी होता है। जिसके बाद, जनता की सहानुभूति का लाभ पाकर मुख्यमंत्री बनने में कामयाब रहता है।
- मैडम चीफ मिनिस्टर (2021)- फिल्म में ऋचा चड्ढा के किरदार तारा को कई संघर्षों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें से एक है उन पर जानलेवा हमला हुआ। इस हमले में तारा गंभीर रूप से घायल हो जाती हैं, लेकिन वे हार नहीं मानतीं और अपनी दृढ़ता और साहस के बल पर राजनीति में आगे बढ़ती हैं। हमले के बावजूद, सहानुभूति का लाभ पाकर मुख्यमंत्री बनने में सफल हो जाती हैं।












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