समान नागरिक संहिता: अल्पसंख्यकों पर नहीं थोपी जाएगी बहुसंख्यकों की राय
नई दिल्ली। कानून आयोग के अध्यक्ष बीएस चौहान ने समान नागरिक संहिता पर कहा कि बहुसंख्यकों की राय, अल्पसंख्यकों पर थोपी नहीं जाएगी। हम यहां जनता की इच्छा जानने के लिए हैं।

उन्होंने कहा कि वो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। वो संविधान और जनता की जरूरतों के मुताबिक काम करेंगे।
चौहान ने कहा कि जनता के बीच में प्रश्नावली रखी गई है। यह सभी धर्मों के लिए है। जब हमें जवाब मिल जाएगा तो हम आगे बढ़ेंगे।
सिविल कोड देश के लिए अच्छा नहीं
इससे पहले मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने समान नागरिक संहिता का विरोध किया है। उनकी ओर से कहा गया था कि यूनिफॉर्म सिविल कोड देश के लिए अच्छा नहीं है।
कहा गया कि देश में कई संस्कृतियां हैं। जिनका सम्मान होना चाहिए।
हमारा राष्ट्र इसका अनुसरण क्यों नहीं करता
लॉ बोर्ड ने कहा कि अमेरिका में हर कोई अपनी पहचान के अनुसार ही अपने-अपने कानून का अनुसरण करता है। इस मामले हमारा राष्ट्र इसका अनुसरण क्यों नहीं करता है?
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से कहा गया कि हमें संविधान के आधार पर कुछ शक्तियां दी हैं। संविधान ने ही हमें अपना धर्म मानने और उसके मुताबिक उनका पालन करने का अधिकार दिया है।












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