51 नामचीन हस्तियों ने पीएम मोदी को लिखा खुला पत्र, रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस न भेजें

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नई दिल्ली। देश के 51 नामचीन हस्तियों ने रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखा है। उन्होंने अपील की है कि म्यांमार में जारी हिंसा के बीच रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस नहीं भेजा जाए। पत्र में म्यांमार में रोहिंग्या के खिलाफ हो रही हिंसा और अत्याचारों का हवाला दिया गया है। इस पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 51 लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।

रोहिंग्या शरणार्थी: 51 नामचीन हस्तियों ने पीएम मोदी को लिखा खुला पत्र, रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस न भेजें

जिसमें कांग्रेस के सांसद शशि थरूर, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, पूर्व गृहमंत्री जीके पिल्लई, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, ऐक्टिविस्ट तीस्ता शीतलवाड़, पत्रकार करन थापर, सागरिका घोष, के अलावा अभिनेत्री स्वरा भास्कर के नाम शामिल हैं। पत्र में कहा गया है, 'रोहिंग्या शरणार्थियों को भेजने के पीछे ये तर्क देना कि आने वाले समय में वो देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। ये तर्क ही गलत है। ऐसा कुछ भी नहीं है और इसके पीछ जो तथ्य दिये जा रहे हैं वो आधारहीन हैं।'

पत्र में कहा गया है कि अनुच्छेद 21 सभी व्यक्तियों को 'जीने का अधिकार' देता है, भले ही वो किसी भी देश का नागरिक हो। सरकार की विदेशी नागरिकों को सुरक्षा मुहैया कराने की संवैधानिक जिम्मेदारी है।पत्र में कहा गया है, 'हम भारतीय नागरिक होने का नाते एकजुट होकर आपसे अपील करते हैं कि भारत इस मुद्दे पर नई और मजबूत सोच के साथ आए। एक उभरती हुई वैश्विक ताकत से इस तरह की उम्मीद की जा सकती है। ऐसे में सिर्फ रोहिंग्या मुसलमानों की समस्याओं पर ही ध्यान न दिया जाए बल्कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ हो रही हिंसा पर भी विचार करे जिसने उन्हें अपने देश से भागने पर मजबूर किया है।

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English summary
Don't deport Rohingya: Eminent citizens ask PM Modi ahead of SC hearing on issue
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